वीडियो में देखा जा सकता है कि उसके पास मिट्टी का एक चूल्हा है। रोटी पकाने के लिए तवा तक नहीं है। इसके कारण वह प्लेट को ही आँच पर डाल कर रोटी पका रहा था।
आन्दोलनजीवी प्रशांत भूषण को ये जानकारी ही नहीं थी कि चरखी-दादरी उत्तर प्रदेश नहीं बल्कि हरियाणा राज्य में स्थित है। इसके बाद वो ट्विटर पर चर्चा में बने हुए हैं।
व्हाट्सएप्प स्टोरी में नाज़िम ने लिखा था, "गद्दी तेरी, ताज हमारा होगा, शहर कोई सा हो, राज हमारा होगा।" इसके बाद से ही स्थानीय इलाके में सांप्रदायिक तनाव बढ़ने लगा था।