बताया जा रहा है कि विकास दुबे भेष बदलने में माहिर है और अपने पास मोबाइल फोन नहीं रखता। राजस्थान के एक नेता के साथ उसके बेहद अच्छे संबंध की भी बात कही जा रही है।
पुलिस ने इन्वेस्टिगेशन के चलते 2200 नम्बरों को सर्विलांस पर लगाया है। जिससे मुठभेड़ रात तक मतलब 24 घंटे के भीतर विकास ने जिस भी किसी शख्स से बातचीत की हो उसका पता लगाया जा सके।
हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। एक तरफ उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है, दूसरी तरफ उसके घर पर बुलडोजर चलाया जा रहा है।
विकास दुबे ने गोलियॉं बरसाई तो 7000 पुलिसकर्मी उसकी तलाश में लगा दिए गए हैं। यही कारनामा कर कभी शहाबुद्दीन एसपी को खुलेआम धमकी देता रहा और सरकार सोई रही।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को कानपुर पहुॅंचे। उन्होंने पुलिस लाइन पहुॅंचकर गुरुवार रात जान गॅंवाने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी।