IIT कानपुर में हिंदू व देश विरोधी इस प्रदर्शन के दौरान जब एक छात्र रोते हुए कहता है - "ये नहीं चलेगा" तो वहाँ मौजूद दंगाईयों और इस्लामी कट्टरपंथियों ने उसे धक्के देकर बाहर कर दिया। 2 मिनट 20 सेकंड के इस वीडियो में स्पष्ट तौर पर...
दंगाईयों द्वारा सरकारी संपत्ति को नुकसान, पुलिस पर हुए जानलेवा हमलों को देखते हुए उत्तर प्रदेश में अब अधिक सतर्कता बरती जा रही है। राज्य के 42 जिलों में सुरक्षा लिहाज से इंटरनेट सेवाएँ बंद कर दी गईं हैं और पूरे प्रदेश में 31 जनवरी तक धारा 144 लागू हो चुकी है।
रेप पीड़िता के वकील ने बताया कि पीड़िता का घर पूरी तरह से टूट चुका है। उन्होंने कहा कि कुलदीप सेंगर ने अपने अपराध को छिपाने के लिए पीड़िता पर न सिर्फ़ केस वापस लेने का दबाव बनाया बल्कि एक विधायक के तौर पर डराया-धमकाया भी।
मुख्यमंत्री ख़ुद स्थिति पर पैनी नज़र रख रहे हैं। उन्होंने पुलिस से कहा है कि उपद्रवियों को चिह्नित कर उनपर कड़ी कार्रवाई करें। सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार उपद्रवियों की संपत्ति नीलाम कर वसूली करेगी। अफवाह फैलाने वालों पर भी निगरानी रखने के आदेश जारी किए गए हैं।
आज़मगढ़ में उपद्रव करने वाले 11 लोगों को चिह्नित कर धर-दबोचा गया। जमीयत-उल-अशरफिया के छात्रों ने उपद्रव किया था, जिसके बाद पुलिस ने ये कार्रवाई की। पुलिस सोशल मीडिया पर भी पैनी नज़र रख रही है। सांसदों-विधायकों तक को भी पुलिस उठा कर ले गई।
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में मुस्लिम प्रदर्शनकारियों ने उग्र होते हुए 2 सरकारी बसों को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया है।
नाजिल बच्ची को बहला-फुसला कर सामान दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया था और उसका रेप किया। इसके बाद पकड़े जाने के डर से उसने बेरहमी से मासूम का गला दबाकर हत्या कर दी। बच्ची की मौत हो जाने के बाद नाजिल ने उसके शव पर तेजाब डालकर उसे जला दिया।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद केस को लखनऊ से दिल्ली ट्रांसफर किया गया था। 5 अगस्त से ही नियमित सुनवाई शुरू कर दी गई थी। सुनवाई बंद कमरे में हो रही थी। इस दौरान अभियोजन पक्ष के 13 गवाहों और बचाव पक्ष के 9 गवाहों के बीच जिरह हुई।