ईरान को परमाणु संपन्न होने से रोकने के लिए न सिर्फ अमेरिका, बल्कि यूएस ने भी कई प्रतिबंध लगाए थे। अमेरिका का मानना है कि परमाणु संपन्न ईरान मध्यपूर्व के लिए खतरा होगा।
पश्चिम एशिया संकट के दौरान सरकार ने नागरिकों को निकालने और तेल-गैस की आपूर्ति बहाल रखने के लिए कई कदम उठाए हैं। दवाओं की कीमत स्थिर रहे, इसलिए कस्टम ड्यूटी शून्य कर दिया।
US ने उम्मीद की थी कि ईरान 2-3 हफ्तों की बमबारी में हथियार डाल देगा लेकिन भारी भरकम खर्च के बावजूद एक महीने से ज्यादा बीतने के बाद भी ईरान ठस से मस नहीं हो रहा है।