पश्चिम बंगाल के बीरभूम में 20 साल की चुमकी खातून पर गाँव वालों ने हमला कर दिया। उनके घर में आग लगा दी। वहीं राजस्थान में नज़ीरान बानो पर मुस्लिम भीड़ ने उस समय हमला किया, जब वह नेशनल इकनॉमिक सेंशस 2019-2020 के लिए डेटा इकट्ठा कर रही थीं।
"जय हिंद एक नारा था। इसका इस्तेमाल आजाद हिंद सरकार और आजाद हिंद फौज में किया गया था। यह सभी धर्मों, सभी समुदायों, सभी जाति और पंथों को एक करता है। इसलिए सभी राजनीतिक दलों को 'जय हिंद' का उपयोग करना चाहिए।"
इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है। उनका कहना है कि सात बार चोरी की शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बताया जा रहा है कि जेवर चुराने की नीयत से बदमाश मंदिर में घुसे थे।
"CAA-NRC का विरोध करने वाले कलाकार लोग प्रस्तावित एनआरसी और सीएए से जुड़े तथ्यों के बारे में जानते हैं, लेकिन फिर भी विरोध कर रहे हैं। जो लोग ऐसा कर रहे हैं, वे ममता बनर्जी के 'कुत्ते' हैं।"
“50 लाख से ज्यादा मुस्लिम घुसपैठियों की पहचान की जाएगी, जरूरत हुई तो उन्हें देश से बाहर कर दिया जाएगा। उसके बाद ममता बनर्जी किसी का तुष्टीकरण नहीं कर पाएँगी। आने वाले चुनाव में उन्हें 50 सीटें भी नहीं मिलेंगी।”
"कोलकाता की सड़कों पर बुद्धिजीवियों नामक कुछ जीव बाहर आ गए हैं। ये चाटूकार बुद्धिजीवी, जो दूसरे की जेब पर निर्भर करते हैं और उनके पैसों का लाभ उठाते हैं, जब बांग्लादेश में उनके पूर्ववर्तियों को यातनाएँ दी गई थीं, तब वे कहाँ थे?"
"अगर, कोई कोर्ट में हमारे ख़िलाफ़ याचिका दायर कर हम पर उन प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ कोई एक्शन न लेने का आरोप लगाता है, जिन्होंने उस दिन बैरीकेड तोड़े और मुख्यमंत्री के पास पहुँच गए, तो ये एफआईआर उन आरोपों में खारिज करने में मददगार होगी।"
जहाँ एक तरफ़ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पदयात्रा कर के लगातार इस क़ानून के विरोध में रैलियाँ कर रही हैं, सीएए के समर्थकों को रोकने के लिए कई इलाक़ों कर्फ्यू लगा दिया जा रहा है। रैली में शामिल होने वाले लोगों पर मुक़दमा भी दर्ज किया जा रहा है।
“भारत में दो करोड़ मुस्लिम घुसपैठिए हैं। अकेले पश्चिम बंगाल में एक करोड़ घुसपैठिए हैं। तुम यहाँ आते हो, हमारा खाना खाते हो, यहाँ रहते हो और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाते हो। क्या यह तुम्हारी जमींदारी है? हम तुम्हें लाठियों से मारेंगे, गोली मारेंगे और तुम्हें जेल में डाल देंगे।”
“पश्चिम बंगाल की, देश की भावना को नमन करते हुए मैं कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट का नाम, औद्योगीकरण के प्रणेता, बंगाल के विकास का सपना लेकर जीने वाले और एक देश-एक विधान के लिए बलिदान देने वाले डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर करने की घोषणा करता हूँ।"