आंध्र प्रदेश पुलिस ने पार्टी को रैली की इजाजत दिए जाने से इनकार कर दिया और नरसरावपेटा, सत्तेनापल्ले, पलनाडू और गुराजला में धारा 144 लागू कर दी गई। पुलिस ने राज्य में टीडीपी के कई नेताओं को भी नजरबंद कर दिया।
विधायक ने कहा कि टीडीपी नेताओं के व्यवहार को देख कर लगता है कि वे आज भी सत्ता में होने के भ्रम में जी रहे हैं। कई लोगों ने टीडीपी के नेताओं की गुंडागर्दी की आलोचना की।
पूर्व स्पीकर का कहना है कि फर्नीचर अस्थायी विधानसभा में ख़राब हो सकते थे, इसीलिए उनकी सुरक्षा और मेंटेनन्स के लिए ऐसा किया गया। विवाद होने के बाद वे फर्नीचर के रुपए देने के लिए भी तैयार हैं।
आंध्र प्रदेश के राजस्व मंत्री वेल्लमपल्ली श्रीनिवास ने स्पष्ट किया है कि ये टिकट बंडल चुनाव से पहले तेलुगु देशम शासन के दौरान छापे गए थे और टिकट के बंडल नेल्लोर और कडप्पा के लिए थे। वे तिरुमाला-तिरुपति कैसे आए, इसकी अब जाँच की जाएगी।
डॉक्टरों द्वारा की गई शुरुआती जाँच व पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद यह तथ्य सामने आया कि गायों के चारे में जहर मिला कर उन्हें खिला दिया गया। इस कारण से मृत गायों के फेंफड़ों और दिल में ख़ून के थक्के पाए गए।
आंध्र प्रदेश सभी निजी औद्योगिक इकाइयों और कारखानों में स्थानीय अभ्यर्थियों के लिए नौकरियों को आरक्षित करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है, फिर भले ही इन कंपनियों को सरकार से वित्तीय या अन्य मदद मिले या न मिले।
आंध्र प्रदेश के भाजपा प्रभारी सुनील देवधर ने दावा किया है कि टीडीपी के 18 विधायक और 30 एमएलसी उनके संपर्क में हैं और वो जल्द बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि टीडीपी अब एक ऐसी पार्टी है, जिसका कोई भविष्य नहीं है, क्योंकि नायडू का भ्रष्टाचार सामने आ चुका है। अगले 2 साल में नायडू जेल जाएँगे।
राज्य सरकार द्वारा अमरावती में नायडू के आवास और चित्तूर जिले में उनके मूल स्थान नरवरिपल्ले में सुरक्षा वापस ले ली गई है। उनके परिवार के सदस्यों के लिए सुरक्षा भी हाल ही में वापस ले लिया गया था और उनके बेटे नारा लोकेश को सुरक्षा के लिए सिर्फ दो कांस्टेबल दिए गए हैं।
आंध्र प्रदेश ने जब अपना प्रशासन हैदराबाद से अमरावती शिफ्ट किया था, तभी से चंद्रबाबू नायडू कृष्णा नदी के किनारे उंदावल्ली स्थित इस आवास में रह रहे थे। उस दौरान सरकार ने आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के जरिए प्रजा वेदिका का निर्माण तत्कालीन मुख्यमंत्री के आवास के रूप में किया था, जिसमें 5 करोड़ का खर्चा आया था।