चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि TDP नेताओं के यहाँ छापेमारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर की जा रही है, एक बार जब चुनावों की घोषणा हो जाने के बाद सब कुछ चुनाव आयोग की निगरानी में आ जाता है।
सीबीडीटी ने कहा, अगर कंपनी या व्यक्ति के संदिग्ध लेनदेन का पता चलता है तो राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण के समक्ष अपील करके कंपनी की बहाली की माँग की जाएगी ताकि आयकर अधिनियम के प्रावधानों के तहत उचित कार्रवाई की जा सके।
शीर्ष नौकरशाह और उनके सहयोगियों ने नोटबंदी के बाद और उससे पहले कोलकाता की शेल कंपनियों के नाम पर 95 करोड़ रुपए की फर्जी प्रविष्टियां दिखाई है। छापे में 2.2 करोड़ रुपए नकद, मर्सडीज समेत चार लग्जरी वाहन भी जब्त किए गए।
मायावती के शासनकाल के दौरान नेतराम का प्रभाव ऐसा था कि बड़े-बड़े नेताओं को भी उनसे मिलने के लिए अपॉइंटमेंट लेना पड़ता था। उनके आवास पर नेताओं की लम्बी लाइन लगी रहती थी। कैबिनेट मंत्रियों तक को उनसे मिलने के लिए अपॉइंटमेंट लेना पड़ता था।
आयकर विभाग ने धारा 142 (1) के तहत लगभग 3 लाख व्यक्तियों को नोटिस जारी किया था। उस नोटिस में उन्हें अपने नक़दी जमा से संबंधित विवरण प्रदान करने और 2016-17 के लिए अपने I-T रिटर्न को प्रस्तुत करने को कहा गया था।
सरकार ने पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया। इस तरह अब टैक्स जमा करने वालों को न तो किसी कर्मचारी के चक्कर लगाने होंगे और न ही किसी की जेब गर्म करनी होगी।
IT विभाग ने लोगों को आगाह किया है कि बेनामी संपत्ति के पकड़े जाने पर दोषियों को 7 वर्ष की सज़ा के साथ-साथ संपत्ति के बाज़ार मूल्य का 25% ज़ुर्माना भी देना पड़ेगा।