जुलाई के अंत में बिजनौर के पंचमुखी हनुमान मंदिर में दो युवक मूर्तियों को तोड़ने की कोशिश करते पकड़े गए थे। दोनों ने माथे पर टीका लगा रखा था ताकि किसी को उन पर शक न हो।
अदिति सिंह रायबरेली के बाहुबली नेता अखिलेश सिंह की बेटी हैं। विशेष सत्र में भाग लेने के बाद उन्होंने कहा, "मुझे जो सही लगा, मैंने आज वही कहा। लोगों ने विकास के लिए मुझे वोट दिया। पार्टी मेरे बारे में जो फ़ैसला लेगी, मुझे मंज़ूर है, लेकिन मुझे लगता है कि मैंने जो किया, सही किया।"
"जब हमला हुआ तो हॉल में 17 छात्र थे। सभी सो रहे थे। हमलावर चुपचाप कमरे में पहुँचे और छात्र का गला रेतने के अलावा उसे चाकू घोंपा। आवाज़ें सुनकर एक दूसरा छात्र जाग गया और उसने मदद के लिए शोर मचाना शुरू किया तो हमलावरों को भागना पड़ा।"
जलनिगम में भर्ती 122 सहायक अभियंताओं की नियुक्तियॉं अगस्त 2017 में रद्द कर दी गई थीं। 1178 अवर अभियंता और लिपिक अभी भी पूर्ण वैतनिक रूप से कार्यरत हैं। अखिलेश सरकार में 1300 पदों पर हुई भर्तियों में अनियमितता की बात निकल कर सामने आई थी।
अगर कोई अपने निवास या प्रवास का फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दस्तावेज का निरस्तीकरण भी हो जाएगा और दस्तावेज मुहैया कराने वाले बिचौलिए, कर्मचारी और अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी।
नामांकन के बाद भाजपा की एक सभा हुई। इस सभा में विजय राजभर अपने सब्जी बेचने वाले पिता से गले मिल फूट-फूट कर रोने लगे। इस दृश्य को देख कर वहाँ मौजूद लोगों की आँखें भर आईं। मंत्री अनिल राजभर ने सब्जी बेचने वाले नन्दलाल राजभर को पूरे सम्मान के साथ मंच पर बिठाया।
वह बंगलौर के आर्मी हॉस्पिटल में बतौर पैरामेडिक कार्यरत था। रिटायर होने के बाद उसने 2 नर्सिंग होम खोले और स्वास्थ्य केंद्र में नौकरी करने लगा। वह आयुष्मान भारत योजना के तहत सरकार से ₹14 लाख प्राप्त कर चुका है। जानिए कैसे रंगदारी के एक मामले ने खोली फ़र्ज़ी डॉक्टर की पोल!
थाने में आजम खान एसआईटी के सीओ सत्यजीत गुप्ता से मिले। उन्होंने सीओ से कहा कि उनका राजनीतिक जीवन बेदाग है। सरकार आती-जाती रहती है। अफसर बिना किसी भय, पक्षपात के निष्पक्ष होकर जाँच करें।
जानकारी के अनुसार बिजली विभाग ने तंजीन फातिमा ₹29.77 लाख जुर्माना लगाया था। जुर्माने में समन शुक्ल ₹3,40,000 और राजस्व निर्धारण ₹26,37,269 था। बिजली चोरी हमसफर रिजॉर्ट में पकड़ी गई थी, जिसे आजम खान का परिवार संचालित करता है।
आयशा का कहना है कि उसके अम्मी-अब्बू ने फर्जी कागजात तैयार करवाए और उसमें दिखाया कि तीन अलग-अलग तारीखों में उसने अपने पति को तलाक दिया, जबकि यह बात गलत है।