रोहिंग्या तबलीगी जमात के ‘इज्तेमास’ और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिए, मरकज में गए। लेकिन उनमें से कई अपने निर्धारित शिविरों में लौटे नहीं, वहाँ से लापता हैं। सभी राज्यों के पुलिस प्रमुखों को...
ग्रामीणों को मिलने वाले दो इसी राशन को नक्सली दो हिस्सो में बाँट रहे हैं। एक हिस्सा अपने लिए और दूसरा ग्रामीणों काे दे रहे हैं। बात नहीं मानने पर ग्रामीणों से मारपीट की जा रही है।
गृह मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि फसलों की कटाई के लिए लॉकडाउन में छूट मिलेगी। कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसयटी और गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थानों को न्यूनतम स्टाफ के साथ काम करने की अनुमति दी गई है।
बिहार के औरंगाबाद में हेल्थ टीम पर बुधवार को ग्रामीणों ने अचानक हमला बोल दिया था। गोह थाना क्षेत्र के एकौनी गाँव की इस घटना में स्वास्थ्य परीक्षण करने पहुँची टीम के कई कर्मियों को चोटें भी आईं।
तबलीगी जमात के मजहबी कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर इनमें से कई रोहिंग्या अभी तक अपने कैंप में नहीं लौटे हैं। ये कैंप तेलांगना, पंजाब, दिल्ली और जम्मू में हैं। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को इनकी कांटेक्ट ट्रेसिंग का आदेश जारी किया है।
परेशान छात्रों ने ट्विटर पर घर वापसी के लिए #SendUsBackHome नाम से एक ट्रेंड चलाया, जिस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने संज्ञान लेते हुए सुरक्षा ऐजेंसियों से बात की, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी। वहीं अब बताया जा रहा है कि अब केंद्रीय एजेंसियों के कहने पर ही कोटा से बच्चों को निकालने की प्रक्रिया शुरू हुई है।