इंदौर में फर्जी पासपोर्ट बनवाकर रहने वाले तीन बांग्लादेशी गिरफ्तार हुए हैं। आरोपित पहचान बदलकर ना सिर्फ इंदौर में रह रहे थे बल्कि देह व्यापार और नकली नोट का धंधा भी चला रहे थे। इस गिरोह की सरगना बांग्लादेशी महिला है। इसका असली नाम बेगम खातून है।
एडिशनल एसपी मोनिका राउत ने बताया कि आरोपित लगातार बयान बदल रहा है। उससे पूछताछ कर मामले की जॉंच की जा रही है। हमले में महिला डॉक्टर के साथ दो अन्य लोग भी झुलस गए, जिनमें एक नाबालिग है।
रात का समय और लड़की के फोन की बैटरी खत्म। मतलब घर जाने को कैब भी बुक नहीं कर सकती थी वो। तभी दो लोग आते हैं, खुद को कैब ड्राइवर बताते हैं। झाँसे में लेकर गाड़ी में बिठा कर घर छोड़ने की बात करते हैं। फिर बीच रास्ते में बारी-बारी से रेप करते हैं। विरोध करने पर कहते हैं - "अच्छी महिला बनो, जो कहते हैं करो।"
पीड़िता शाम को जब ऑफिस का काम खत्म करने के बाद निकलने वाली थीं, तभी शराब के नशे में धुत्त प्रधान लिपिक महमूद आलम ने उन्हें पीछे से पकड़ लिया और दुष्कर्म करने का प्रयास किया। CCTV से पता चला कि वह पूरे दिन 4 बार पीड़िता के कमरे में गया था, और शाम को तो...
सैनी समुदाय के सोनू ने बताया कि दो युवक 60-65 की स्पीड से बाइक से आ रहे थे। इस पर जब उन्होंने टोका कि बाइक धीरे चलाओ तो उन्होंने गाली गलौज करना शुरू कर दिया और फिर वह यह कहकर चले गए कि वापस आ रहे हैं। फिर वो लोग फायरिंग करते हुए आए और...
मृतकों की पहचान कानपुर निवासी अतीक (50), पत्नी सायरा (40), बेटी आयशा (12), बेटा अफरोज (8), फैशल (18 माह) के रूप में हुई। इसके अलावा दो अन्य मृतकों की पहचान पहलवान और मामा के रूप में हुई।
सबूत मिटाने के लिए आरोपित ने दोनों माँ-बेटी के शव को टंकी में डाल दिया और फिर शव को जल्दी सड़ाने के लिए टंकी में सोडा-नमक भी डाल दिया। अगले दिन उसने मकान मालिक को दोनों माँ-बेटी के गायब होने की जानकारी दी और उन्हें तलाश करने के नाम पर वहाँ से भाग गया।
अकबर खान ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। उसे पहचानने की वजह से कहीं बच्ची परिजनों को बता न दे। इसलिए अकबर ने मारने की नियत से बच्ची के सिर पर पत्थर मारा। इससे वह बेहोश हो गई। बच्ची को मरा समझकर अकबर ने खंडहर में पड़े पत्थर, ईंट और बजरी से बच्ची का शरीर दबा दिया।