Dawn में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा "नमृता चंदानी के गले पर पड़े 'निशान रस्सी के थे।' पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया कि 'आत्महत्या का मामला है लेकिन गला घोंटने के साफ निशान दिखाई देते हैं।"
ओंकार बीना में तेल रिफाइनरी में काम करता था और फेसबुक के माध्यम से छतरपुर की सिविल लाइंस इलाके में रहने वाली एक छात्रा से उसकी दोस्ती हो गई। दोनों लिव-इन में रहने लगे। कुछ दिन बाद लड़की ने उस पर रेप का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करवाया।
ATS को गुप्त सूचना मिली थी कि 16 सितंबर को पुराने लखनऊ में अवैध हथियारों की डिलीवरी की जाएगी। आतंक निरोधक दस्ते ने आरोपित बदमाशों के पास से 5 अवैध पिस्तौल भी बरामद किया है।
पीड़िता को अगवा कर आरोपी बिशनगिरी गाँव ले गए, जहाँ उसके साथ रेप किया गया। कुछ लोगों ने महिला के चिल्लाने की आवाज सुनी तो वे घटनास्थल पर पहुँचे। गाँव के लोगों ने दो को पकड़ लिया, जबकि तीसरा आरोपित भाग निकलने में कामयाब हो गया।
रचना ने जावेद और उसकी पत्नी पिंकी को घर के बाहर बहस करते सुना। उसने जावेद और पिंकी को बुलाकर उन्हें शांत कराने और विवाद सुलझाने की कोशिश की। तभी जावेद ने पिस्तौल निकाली और हवा में फायरिंग कर दी। रचना को लहू लुहान देख वह फरार हो गया।
सलमान फ्लाइट से मेट्रो शहरों में जाकर स्नैंचिंग की घटनाओं को अंजाम देता था और अपनी गर्लफ्रेंड के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार रहता था। उसके ख़िलाफ़ दिल्ली में 29 केस, यूपी में 1 केस और हैदराबाद में 4 मामले चल रहे हैं।
रात 9: 15 बजे जब ये जुलूस गुजर रहा था तब रवि की गाड़ी इनके जुलूस के बीच में आ गई और जुलूस में शामिल लोगों ने गुस्से में रवि की कार पर हमला कर दिया। लोहे की रॉड और डंडे की मदद से रवि की कार के शीशे तोड़े गए।
घटना शनिवार रात की है। एसएसपी ने बताया कि कुछ लोगों ने एक खास क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी थी। इस पर उस इलाके के लोगों ने आपत्ति जताई। इसके बाद हुई झड़प में करीब 10 लोग घायल हो गए।
"जब हमने केयरटेकर की शिकायत अपने टीचर से की तो उन्होंने एक्शन लेने की बजाए हमें धमका दिया कि अगर केयरटेकर की शिकायत करोगी तो हॉस्टल से निकाल देंगे, उसके बाद तुम्हारे माता-पिता भी कुछ नहीं कर पाएँगे।"
घर-घर अखबार पहुँचा कर अपनी रोजी-रोटी चलाने वाले मन्नूलाल वैष्णव को यह नहीं पता था कि एक दिन इन्हीं अखबारों में उनकी हत्या की खबर छपेगी! हत्या वो भी उस रफीक खान (इंसान या हैवान!) के द्वारा जो इन्हीं के लाए अखबारों को पढ़ता जरूर था लेकिन पैसे देने के नाम पर नजरें चढ़ाता था।