जम्मू क्षेत्र के आई जी मुकेश सिंह ने बताया, “पिछले एक साल में किश्तवाड़ में 4 आतंकी घटनाएँ हुईं। किश्तवाड़ पुलिस की लगातार कोशिश, सीआरपीएफ, सेना और NIA टीम की मदद से हमने ये चारो केस सुलझा लिए हैं।”
सेनाध्यक्ष ने बालाकोट को पाकिस्तान ने हाल ही में फिर से शुरू कर दिया है। इससे पता चलता है कि बालाकोट प्रभावित हुआ था। वह क्षतिग्रस्त और नष्ट हुआ था। इसलिए लोग वहाँ से चले गए थे और अब वह फिर से सक्रिय हो गया है।
अमेरिका के ह्यूस्टन में आयोजित ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी की लोकप्रियता और कार्यक्रम की सफलता महबूबा के गले नहीं उतर रही है। वे भी इस कार्यक्रम पर तीखी टिप्पणी से बाज नहीं आईं।
"बँटवारा मज़हब के आधार पर हुआ। गाँधी और अम्बेडकर नहीं चाहते थे कि भारत के टुकड़े हों, लेकिन कुछ सांप्रदायिक नेताओं ने देश का विभाजन कर दिया। मजहब के आधार पर गठित पाकिस्तान की यह हालत हो गई कि 1971 आते-आते बांग्लादेश उससे अलग हो गया।"
जेपी नड्डा ने कहा कि कॉन्ग्रेस ने अनुच्छेद 370 से आदिवासियों का हक़ मारने का काम किया है। इसके लिए जवाहरलाल नेहरू को ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा कि संविधान सभा में कोई भी इसके पक्ष में नहीं था। देश के पहले क़ानून मंत्री अम्बेडकर भी इसके लिए राज़ी नहीं थे।
सोने के इस नए दरवाजे के एक पल्ले पर माता लक्ष्मी और दूसरे पर आरती उकेरी गई है। दरवाजे के ऊपरी हिस्से में देवी दुर्गा, भगवान गणेश और हनुमान के साथ ही अन्य देवी-देवता भी होंगे।
पिछले एक महीने में घाटी में कई आतंकी मारे गए हैं। उनके मददगार रहे दो दर्जन से अधिक स्थानीय लोगों को गिरफ्तार किया गया है।। कठुआ से गिरफ्तार आतंकियों से मिले सुराग के आधार पर जैश के ओवर ग्राउंड कार्यकर्ताओं को पकड़ा गया।
यूनिवर्सिटी ऑफ जेनेवा के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, इसे लेकर किसी तरह के कोई किंतु, परंतु का सवाल ही नहीं है।
आजादी, ऑटोनमी और सेल्फ रूल का नारा देने वालों के सुर बदलने लगे हैं। अब न सिर्फ वे कहने लगे हैं कि हमें रिहा कर दो बल्कि सरकारी बॉन्ड भरकर यह भी लिखित में देने लगे हैं कि रिहाई के बाद न तो वो आजादी वाला नारा लगाएँगे और न ही ऐसा कोई काम करेंगे, जिससे माहौल बिगड़े।
"छह महीने के भीतर अनुच्छेद-370 पर केंद्र सरकार के फैसले के समर्थन में जम्मू-कश्मीर के लोग आगे आएँगे। पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (PoK) वापस लेना अगला लक्ष्य है। हालाँकि इसे सैन्य आक्रामकता के ज़रिए हासिल नहीं किया जाएगा।"