सत्यपाल मलिक ने कहा कि आने वाले 2-3 महीने में 50 हजार नौकरियाँ देंगे। इसके साथ ही हालात सामान्य होने के चलते संचार व्यवस्था के लिए कुपवाड़ा और हंदवाड़ा जिलों में मोबाइल फोन सेवा बहाल की जा रही है।
पाकिस्तान सेना लगातार उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास संघर्ष विराम का उल्लंघन करने का प्रयास कर रही है। जिसका उसे भारतीय सेना से मुँहतोड़ मिल रहा है। उसने अपनी इन्हीं घटिया हरकतों के चलते मंगलवार को सुंदरबनी सेक्टर के रिहायशी इलाकों में गोलीबारी भी की थी।
जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने के बाद सर्वोच्च न्यायालय में 14 याचिकाएँ दायर हुई हैं। जिसमें एडवोकेट एमएल शर्मा, पूर्व आईएस अधिकारी शाह फैसल, जेएनयू की पूर्व छात्रा शेहला रशीद और राधा कुमार की याचिका भी शामिल है।
लोगों ने थरूर से पूछा कि अब तो राहुल गाँधी कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष भी नहीं रहे, तो फिर वे 'मालिक' कैसे हुए? लोगों ने कहा कि जो डैमेज होना था वह हो चुका, अब इन बयानों का कोई फ़ायदा नहीं।
पाकिस्तान ने राहुल गाँधी का हवाला देते हुए उनके उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि 'जम्मू कश्मीर में लोग मर रहे हैं'। पाकिस्तान ने लिखा कि कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ने जम्मू कश्मीर में चीजें ग़लत दिशा में जाने की बात कही थी।
"ये जरूरी है कि कश्मीर की असल तस्वीर लोगों के सामने पेश की जाए क्योंकि बहुत से पाकिस्तानी लड़के है जो सोशल मीडिया पर वायरल होती ऐसी स्टोरी को पढ़ रहे है, आतंकी संगठन ज्वाइन करने के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं और फिर कश्मीर आकर परेशानी का कारण बन रहे हैं।"
दोनों मृतक मुस्लिम गुज्जर समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। आतंकियों ने इन दोनों को मारने से पहले उनके साथ काफ़ी दरिंदगी की। उनकी लाशें क्षत-विक्षत अवस्था में मिलीं। उनके दोनों हाथ बँधे हुए थे। आतंकियों ने मंज़ूर और क़ादिर को 20 अगस्त को अपहृत कर लिया था।
जम्मू-कश्मीर विधान परिषद् के सभापति हाजी अनायत अली के अलावा, लद्दाख स्वायत्तशासी पर्वतीय विकास परिषद के कार्यकारी पार्षद मोहम्मद अली हसन और 6 अन्य नेताओं ने भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात की और पार्टी में शामिल हुए।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि अब्दुल क़ादिर कोहली और मंजूर अहमद को त्राल के जंगलों से अगवा किया गया था। सुरक्षा बलों ने दोनों की तलाश शुरू की। इसी दौरान एक शख़्स का शव मिला, जबकि दूसरे की तलाश जारी है।
कुछ अराजक तत्व घाटी में फ़र्ज़ी ख़बरें फैलाने और फ़र्ज़ी ‘क्लैंपडाउन स्टोरीज’ को गढ़ कर डर का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रदेश में हालात सामान्य करने में केंद्र सरकार हर संभव प्रयास कर रही है, जिसमें वो सफल भी रही है।