बीजेपी में शामिल होने के बाद इनायत अली ने कहा, "दो सालों में आप बदलाव देखेंगे। कई लोग जो भाजपा का आज विरोध कर रहे हैं, वे पार्टी को ज्वाइन करेंगे। उनके पास हमारे साथ आने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।"
अब्दुल्ला परिवार की पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस के 2 सांसदों ने जम्मू कश्मीर का दौरा किया और अब वे दिल्ली लौट आए हैं। दोनों नेताओं ने पूरी सक्रियता से घाटी में लोगों से मुलाक़ातें की। एनसी के वरिष्ठ नेताओं मोहम्मद अकबर लोन और जस्टिस (रिटायर्ड) हसनैन मसूदी ने कश्मीर का दौरा किया।
पाकिस्तान की मानवाधिकार मंत्री शिरीन माजरी ने इस पूरे मसले पर ट्वीट किया है। माजरी ने ट्विटर द्वारा भेजे गए ईमेल का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा है, “ट्विटर वाकई में मोदी सरकार का मुखपत्र बन गया है। उन्होंने हमारे राष्ट्रपति को नोटिस भेजा है। यह बहुत ही बुरा और बेतुका है।”
जम्मू-कश्मीर के मसले पर लोकसभा में पार्टी की किरकिरी करा चुके अधीर रंजन चौधरी ने कहा था, "जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल को राज्य बीजेपी इकाई का अध्यक्ष बना देना चाहिए। उनकी टिप्पणी और बयान बीजेपी नेताओं की तरह होते हैं।”
“आप काहे के पत्रकार हैं? पीएम मोदी ने इतना बड़ा काम कर दिया, आप लोगों पर असर नहीं है क्या? आप हिन्दुस्तानी हैं? क्या आप एक भारतीय हैं? भारतीय होने पर गर्व है? पत्रकारिता की बात मत करो। राष्ट्र की बात करो। अगर आपको नरेंद्र मोदी का काम नज़र नहीं आता तो आप हिन्दुस्तानी हैं ही नहीं।”
जम्मू-कश्मीर के अधिकांश लोग आर्टिकल 370 हटाए जाने की सराहना कर रहे हैं। लेकिन घाटी में मौजूद कुछ अराजक तत्व लगातार माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इन पर नकेल कसने के लिए सुरक्षा बल लगातार प्रयासरत है।
मायावती ने आगे कहा कि इस स्थिति में, कॉन्ग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के लिए कश्मीर जाना और स्थिति का राजनीतिकरण करने का प्रयास करना उचित नहीं था। उन्होंने आगे कहा कि पार्टियों को कश्मीर जाने से पहले थोड़ा इंतज़ार करना चाहिए।
इमरान के मंत्री बोले, "मोतीलाल नेहरू के परपोते, जवाहरलाल नेहरू के पोते, कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी को उनके पूर्वजों के यहाँ नहीं जाने दिया गया। यह दिखाता है कि किस तरह आरएसएस और नाजी विचारधारा ने इंडिया पर कब्जा कर लिया है।"
क्या आपको 2011 में आयोजित भाजपा की एकता यात्रा याद है? अब्दुल्ला-कॉन्ग्रेस सरकार ने न सिर्फ़ अनंत कुमार, सुषमा स्वराज और अरुण जेटली को J&K में घुसने से रोका बल्कि गिरफ्तार भी करवा लिया था। आज तीनों दिग्गज हमारे बीच नहीं रहे। आइए इतिहास में चलें 8 वर्ष पीछे।