जम्मू-कश्मीर स्थित कठुआ में पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली की याद में जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनकर तैयार होगा। यह स्टेडियम लगभग 68 करोड़ रूपए की लागत से 170 कनाल भूमि पर बनेगा। केंद्र सरकार ने इस स्टेडियम के लिए 10 करोड़ रुपए की पहली किस्त जारी कर दी है।
साल 2000 में अमेरिकी राष्ट्रपति क्लिंटन की भारत यात्रा के दौरान 19-20 मार्च की रात आर्मी की ड्रेस में आए हमलावरों ने 35 सिखों को मौत के घाट उतार दिया था वहीं 36 वीं मौत इस भयंकर मंजर को देख, एक महिला को हुए कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई थी।
“मैं यह भी प्रार्थना करता हूँ कि जब वह बाहर आएँ तो कश्मीर की स्थिति को सुधारने में अपना योगदान दें। मुस्लिम भारत के नागरिक और हमारे भाई हैं। वह हमारे जिगर का टुकड़ा है। कुछ ताकतें हैं, जो उन्हें गुमराह कर रही हैं।”
महाशिवरात्रि की शाम के बाद वहाँ ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जैसा पिछले कुछ दशकों में शायद ही देखने को मिला हो। पूरा मंदिर प्रकाश से जगमग था और फूलों से सजाया गया था। पर्व के अवसर पर महा अभिषेक सहित कई अन्य प्रकार के पूजा-पाठ का आयोजन किया गया।
कश्मीरी छात्रा ने कहा कि चीन में फँसे भारतीय छात्रों को वापस लेकर आना कोई साधारण बात नहीं थी। ये बहुत बड़ी बात है। उसने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है जब बाहर फँसे कश्मीरियों के लिए सरकार ने इतना बड़ा काम किया है।
एकजुट जम्मू नामक संगठन ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। इसके मुताबिक जम्मू में सुनियोजित तरीके से लैंड जिहाद को अंजाम दिया गया और अपने ही इलाकों में हिंदू अल्पसंख्यक हो गए। फारूक अब्दुल्ला और गुलाम नबी आजाद की छत्रछाया में इसे अंजाम दिया गया।
इस कानून को 1978 में फारूक अब्दुल्ला के पिता शेख अब्दुल्ला ने ही राज्य में लागू किया था। इस कानून के तहत किसी भी शख्स को अचानक से हिरासत में लिया जा सकता है और बिनी किसी तरह का मुकदमा चलाए...
वीरगति प्राप्त करने वाले जवानों की याद में बनाए गए स्मारक का लेथपुरा कैंप में शुक्रवार को उद्घाटन किया गया। स्मारक में वीरगति प्राप्त करने वाले जवानों के नामों के साथ उनकी तस्वीरें भी हैं। जाधव द्वारा एकत्र की गई मिट्टी को भी स्मारक पर रखा गया है।
प्रदेश में सरपंच की 1011 सीटें खाली हैं। इन जगहों पर आतंकियों के डर से पिछली बार चुनाव में कोई खड़ा नहीं हुआ था। आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से ही इन सीटों पर जल्द चुनाव कराने की अटकलें लगाई जा रही थी।
इस महीने लद्दाख और मार्च में जम्मू-कश्मीर पहले 'खेलो इंडिया' शीतकालीन खेलों की मेजबानी करेगा। पहली प्रतियोगिता लद्दाख में फरवरी के तीसरे हफ्ते में जबकि दूसरी प्रतियोगिता जम्मू-कश्मीर में मार्च के पहले हफ्ते में होगी।