अरुणा के साथ-साथ उनके पिता, पति, भाई, ससुर और देवर- ये सभी विधायक रह चुके हैं। अरुणा राजशेखर रेड्डी और रोसैया की कैबिनेट में मंत्री रह चुकी हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में लौटेगी और नरेंद्र मोदी फिर से प्रधानमंत्री बनेंगे।
कृष्णक मन्ने सिकंदराबाद के जाने-माने नेताओं में से एक हैं। उनका कहना है कि 2014 के चुनावों में उन्हें सिकंदराबाद से उम्मीदवार घोषित किया था लेकिन आखिरी समय में उनके नाम को वापस ले लिया गया था।
भाजपा ने कहा की यह भारतीय राजनीतिक इतिहास में एक नया रिकॉर्ड है जब सरकार गठन के 2 महीने बाद तक मंत्रिमंडल में सिर्फ़ 2 ही मंत्री हों। कॉन्ग्रेस ने कहा कि तेलंगाना केसीआर का 'साम्राज्य' बन गया है।
तेलंगाना में भाजपा के एकमात्र नव-निर्वाचित विधायक राजा सिंह ने 17 जनवरी को होने वाले शपथग्रहण समारोह में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया है क्योंकि उस समारोह में AIMIM के प्रोटेम स्पीकर द्वारा शपथ दिलाया जाना है।
पाँचों राज्यों के आंकड़ों को मिला कर देखें तो कुल पंद्रह लाख लोगों ने किसी उम्मीदवार को वोट देने कि बजाय नोटा यानी "उपर्युक्त में से कोई नहीं" का विकल्प चुनना ज्यादा बेहतर समझा। पाँचों राज्यों में नोटा का वोट शेयर 6.3% के आसपास रहा।
119 सीटों वाले तेलंगाना विधानसभा में बहुमत के लिए 60 सीटों पर जीत चाहिए होती है लेकिन केसीआर की पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति ने 88 सीटों पर जीत का परचम लहरा कर एकतरफा जीत दर्ज किया।