राज्य के सभी सरकारी, गैर सरकारी कार्यालय एवं परिसर, सभी स्वास्थ्य संस्थान, सभी शैक्षणिक संस्थान, थाना परिसर आदि में किसी भी प्रकार का तंबाकू पदार्थ, सिगरेट, खैनी, गुटखा, पान मसाला, जर्दा आदि के उपयोग को पूर्णत: प्रतिबंधित करने का निर्देश दिया गया है।
मृत बच्चे के पिता का कहना है कि जहानाबाद सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने रिशू को पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन एंबुलेंस का कोई इंतजाम नहीं किया, जबकि अस्पताल में दो-तीन एंबुलेंस खड़ी थीं। लॉकडाउन के कारण वे खुद भी किसी निजी गाड़ी का इंतजाम नहीं कर पाए।
राज्य में जितने भी पेंशनधारक हैं, उन्हें अगले तीन महीने की पेंशन राशि अभी ही दे दी जाएगी ताकि वो अपना और परिवार का ख्याल रख सकें। राशन कार्ड धारकों को 1000 रुपए भी दिए जाएँगे।
"पाँच साल पहले सरकार ने कहा था कि दो महीने में ही हम सेवा शर्त नियमावली ला देंगे। शिक्षकों के पाँच वर्ष बीत गए पर सरकार के दो महीने पूरे नहीं हुए। यह है सरकार! शिक्षक कुछ और नहीं माँग रहे, यही सेवा शर्त नियमावली माँग रहे हैं। शिक्षक स्वाभिमान की लड़ाई लड़ रहे हैं। नीतीश कुमार को समय क्षमा नहीं करेगा।"
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में तेजप्रताप यादव को भीड़ ने नारे लगवाते साफ देखा जा सकता है। वे पूछते हैं-' 2020 में किसका वध होगा' और लोग कहते हैं कि 'नीतीश का'।
जदयू से निष्कासित किए जाने के बाद पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए प्रशांत किशोर ने नीतीश पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वे अब भी उन्हें पिता समान मानते हैं, लेकिन कोई एक साथ महात्मा गाँधी और नाथूराम गोडसे का समर्थक नहीं हो सकता है।
राजद सुप्रीमो लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप ने इस दौरान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय को भी निशाने पर लिया। तेज प्रताप ने कहा कि जब से मंगल पांडेय स्वास्थ्य मंत्री बने हैं, तब से सबकुछ अमंगल ही हो रहा है, इसीलिए वो 'अमंगल' पांडेय हैं।
नीतीश ने अब बागियों को अल्टीमेटम दे दिया है। मुख्यमंत्री ने मीडिया से कहा कि कुछ लोगों के बयान के आधार पर हंगामा मचाना ठीक नहीं है क्योंकि जदयू ने अपना रुख साफ़ कर दिया है। जदयू सुप्रीमो नीतीश कुमार ने कहा कि वो किसी के भी बयान से प्रभावित होने वाले नहीं हैं।
विधायक फराज फातमी ने न केवल पार्टी के स्टैंड का विरोध किया है, बल्कि नीतीश कुमार को राज्य का सबसे बड़ा चेहरा भी बताया है। उन्होंने कहा, "बिहार में नीतीश कुमार से बड़ा कोई चेहरा नहीं है। 2020 में भी वही सरकार बनाएँगे।"
सोनु को पता चला कि नीतीश कुमार के शिक्षा विभाग ने खुद बताया है कि बिहार पुलिस के पेपरों के उत्तर परीक्षा से पहले ही वॉट्सऐप पर आ गए थे। इसके बाद वो निराशा में मुख्यमंत्री से फॉर्म भरने के पैसे और उनका 3 दिन का समय वापस करने की माँग कर दी।