बिहार सरकार की हर घर नल से जल पहुॅंचाने की योजना की तो हालत खस्ता है। लेकिन, बारिश ने राजधानी पटना में जरूर जल को द्वारे-द्वारे पहुॅंचा दिया है। आम लोग ही बेबस नहीं हैं, राज्य के उपमुख्यमंत्री का घर भी पानी से लबालब है। सड़कें, रेल की पटरियॉं जलमग्न हैं और बिजली गुल।
पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि नीतीश कुमार पिछले 15 वर्षों से गठबंधन का चेहरा बने हुए हैं, इसीलिए यह मौक़ा किसी भाजपा नेता को मिलना चाहिए।
कल तक लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव के कसीदे पढ़ने में नहीं अघाने वाले नेता भी अब जमीनी हकीकत भॉंप ऐसे चेहरे की तलाश कर रहे हैं जो चुनावी नैया पार लगा सके। तेजस्वी के नेतृत्व पर साथी दलों के असमंजस के बाद अब राजद में भी दिख रही बेचैनी।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक नीलगाय को पहले गोली मारी गई, लेकिन वह मरी नहीं। इसके बाद जिंदा ही उसे जेसीबी की मदद से एक गड्ढे में दफना दिया गया। घटना 1 सितंबर की है। मामला सामने आने के बाद 3 सितंबर को जाँच के आदेश दिए गए।
बिहार पुलिस का आँकड़ा कहता है कि जनवरी 2019 से मई 2019 तक (सिर्फ 5 महीनों में) 1277 हत्याएँ, 605 बलात्कार, 3001 दंगे, 4589 अपहरण जैसे संगीन जुर्म इस राज्य में हुए (हुए शायद ज्यादा होंगे!) और जो आधिकारिक तौर पर दर्ज किए गए।
पिछले विधानसभा चुनाव में 'बिहार में बहार' वाला नारा प्रशांत किशोर के दिमाग की उपज थी। उस दौरान नीतीश राजद-जदयू-कॉन्ग्रेस महागठबंधन का चेहरा थे और प्रशांत किशोर उनके प्रमुख रणनीतिकार थे।
बीजेपी नेता के निधन पर शोक प्रकट करते हुए नीतीश ने कहा- "अरुण जेटली जी असाधरण और प्रतिभा के धनी व्यक्ति थे। उन्होंने भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों की जिम्मेदारी बखूबी सँभाली। वह कानून के जानकार भी थे।"
बिहार के छोटे ऋण लेने वाले कर्ज अदा कर देते हैं, लेकिन जो बड़ी रकम लेते हैं वो आना-कानी करते हैं। बैंकर्स की शिकायत को मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि उनकी सरकार बैंको को लोन वापसी में मदद करेगी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अधिकारियों ने भी पुलिस की समस्या जानने की कोशिश की कि फॉयरिंग क्यों नहीं हो पा रही है, लेकिन जब कोई उपाय नहीं नज़र आया तो बिना सलामी के ही अंत्येष्टि प्रक्रिया सम्पन्न की गई।
अनंत सिंह केवल अपने आपराधिक इतिहास के लिए ही चर्चित नहीं रहे हैं। उनके शौक भी अजीबोगरीब हैं। अजगर पालने की सनक को लेकर वे विवादों में रह चुके हैं। एक बार उन्होंने पटना के अपने घर में एक पत्रकार को भी बंधक बना लिया था।