पूर्व मंत्री पी. चिदंबरम वित्त मंत्री रहने के दौरान रिश्वत लेकर INX मीडिया को विदेशी निवेश की स्वीकृति देने के मामले में आरोपित हैं। उनके खिलाफ सीबीआई और ईडी दोनों की अलग-अलग जाँचें चल रहीं हैं, जिनमें चिदंबरम की कस्टडी दोनों एजेंसियों के बीच रोटेट हो रही है।
नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने पी चिदंबरम की जमानत के लिए 'Enlargement' शब्द का प्रयोग किया, जो कि एक 'Highly technically legal term' है, लेकिन कई लोगों ने समझा कि वो पी चिदंबरम के लिए अजीबोगरीब भाषा (अश्लील) का प्रयोग कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा आईएनएक्स घोटाले मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को जमानत मिल गई है। हालाँकि, चिदंबरम को अब भी घर नहीं जा पाएँगे, क्योंकि उन्हें ये राहत सीबीआई द्वारा दायर केस में मिली है। जबकि वह अब भी प्रवर्तन निदेशालय...
विशेष कोर्ट में सीबीआई की ओर से दायर इस आरोपपत्र के अनुसार चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति ने महज़ ₹9.96 लाख लेकर 2008 में INX में विदेश निवेश के लिए गैर-क़ानूनी मंज़ूरी दिलवाई थी।
इसके अलावा भास्कर, सिंधुश्री खुल्लर, अनूप पुजारी, प्रबोध सक्सेना, आर प्रसाद जैसे लोगों के नाम भी चार्जशीट में हैं। इस चार्जशीट में वित्त मंत्रालय के 4 पूर्व अफसरों का नाम हैं। साथ ही आईएनएक्स मीडिया, एएचसीएल और शतरंज प्रबंधन भी पर भी इसमें आरोप हैं।
कोर्ट में कपिल सिब्बल ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कस्टोडियल पूछताछ की ज़रूरत है तब इन्होंने तुरंत 5 सितंबर को कस्टडी क्यों नहीं ली। ईडी ने जब भी चिदंबरम को बुलाया है वो आए हैं। आख़िरी बार चिदंबरम ईडी के सामने 8 फ़रवरी 2019 को पेश हुए थे।
आईएनएक्स मीडिया समूह को 2007 में 305 करोड़ रुपये का विदेशी धन प्राप्त करने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी देने में अनियमितता बरतने का आरोप चिदंबरम पर है। ईडी ने 2017 में इस संबंध में धन शोधन का मामला दर्ज किया था।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट के समक्ष पूर्व वित्त मंत्री की गिरफ्तारी की माँग करते हुए कहा था, "आईएनएक्स मामले में मनी लॉन्ड्रिंग, सीबीआई के केस से अलग है और इसमें उन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ करने की जरूरत है।"
अदालत ने ईडी को पी चिदंबरम को हिरासत में लेकर 30 मिनट तक पूछताछ करने की अनुमति दी है। इसके अलावा कोर्ट ने ईडी को जरूरत लगने पर चिदंबरम को गिरफ्तार करने की भी इजाजत दे दी है।
INX मीडिया की प्रमोटर इंद्राणी मुखर्जी और उनके पति पीटर मुखर्जी के बयानों के आधार पर सीबीआई और ईडी ने चिदंबरम पर शिकंजा कसा है। आरोप है कि INX मीडिया ग्रुप को 2007 में 305 करोड़ रुपए का विदेशी धन हासिल करने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी में अनियमितता बरती गई थी।