पूर्व सांसद क्लॉडिया वेब्बे ने भारत में '30 करोड़' कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। एक पोस्ट में उन्होंने मोदी सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
संसद में कॉन्ग्रेस बिना छपी किताब का सहारा लेकर सरकार और प्रधानमंत्री को बदनाम करने की कोशिश की। लेकिन जब निशिकांत दुबे ने छपी किताबें पेश की, तो कॉन्ग्रेस बौखला गई।
बंगाल में चिकन पैटीज बेचने वाले रियाजुल के लिए वामपंथी आवाज उठा रहे हैं लेकिन उनके लिए संदेशखाली के गवाह भोला घोष की आपबीती चर्चा करने का विषय नहीं है।
वामपंथी प्रोपेगैंडा मशीन के रूप में कुख्यात वेबसाइट 'द वायर हिंदी' ने हिड़मा की मौत पर आर्टिकल पब्लिश किया, जिसकी हेडलाइन थी- "मोस्ट वांटेड या आदिवासी नायक?"