देश में शहर की तुलना में गाँव में खर्च तेजी से बढ़ रहा है। गाँवों में एक व्यक्ति अब प्रतिमाह औसतन ₹3773 जबकि शहर में ₹6459 खर्च कर रहा है। दोनों के बीच अब 71% का अंतर है, जो कि 2011-12 में 84% था।
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था वर्तमान में भारत के दसवें हिस्से के बराबर भी नहीं है। हालत इतनी पतली है कि उससे ज्यादा मार्केट कैप भारतीय कारोबारी टाटा समूह की है।