जिस मदरसे में छात्र की पिटाई हुई है वहाँ ज्यादातर पाकिस्तान मूल के बच्चे इस्लामी शिक्षा लेते हैं। घटना के दिन मदरसे में पढ़ाने वाले मौलवी ने छात्र से कुरान की आयत सुनाने को कहा।
इस मदरसे में छात्रों को इस्लामी जीवन शैली और केवल अरबी भाषा ही सिखाई जाती है। हिंदी, अंग्रेजी जैसी कोई अन्य भाषा, यहाँ तक कि स्थानीय भाषा मराठी भी नहीं पढ़ाई जाती है।
दीनी तालीम लेने आए आठ साल के बच्चे से कुकर्म करने के आरोप में एक मदरसे के मौलाना और उसके भतीजे को गिरफ्तार किया गया है। घटना उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की है।