राज ठाकरे की चुनावी राजनीति से दिलचस्पी इस कदर कम हो गई है उन्होंने पार्टी के नेताओं को सलाह दी है कि देश की इकॉनामी ठीक न होने के कारण विधानसभा चुनाव से उन सबको दूर रहना चाहिए। उन्होंने अपनी बात के समर्थन में जो तर्क दिए हैं वो उनके ही पार्टी के नेताओं के गले के नीचे नहीं उतर रही।
भोसले का बीजेपी में शामिल होना महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले कॉन्ग्रेस-एनसीपी गठबंधन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हाल के समय में इन दोनों दलों के कई नेताओं ने भाजपा और शिवसेना का दामन थामा है।
सतारा से लोकसभा के सांसद शनिवार को दिल्ली में बीजेपी की सदस्यता लेंगे। पार्टी में शामिल होने से पहले वे लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देंगे। उन्होंने पिछले दिनों NCP अध्यक्ष शरद पवार से भी मुलाकात की थी।
केदार ने यह बयान उस समय दिया जब वह नागपुर में अपनी पार्टी के नेताओं और जनप्रतिनिधियों के बीच पार्टी छोड़ने की भगदड़ रोकने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने अपने क्षेत्र के एक गाँव में कहा, "अगर मैंने भाजपा तुम्हारे घर के बाहर देखा, तो......"
जिन लोगों को नागरिकता प्रदान की गई है। उनमें से अधिकतर सिंधी और पंजाबी समुदाय से संबंध रखते हैं। इन्हें केंद्र सरकार द्वारा हरी झंडी दिखाने के बाद ही नागरिकता के प्रमाण पत्र दिए गए हैं।
कृपाशंकर सिंह ने पार्टी छोड़ने की वजह बताते हुए कहा,“मैंने कॉन्ग्रेस छोड़ दी है क्योंकि मैं जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने का विरोध करने संबंधी पार्टी के रूख से सहमत नहीं हूँ।”
"जैसे लोकमान्य तिलक ने कहा था कि स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है, वैसे ही अब जबकि हम आज़ादी के 75 वर्षों की तरफ बढ़ रहे हैं, तो हमें कहना चाहिए कि 'सुराज्य' हमारा कर्त्तव्य है।"
आपने इसीलिए रंजीत का नाम नहीं सुना क्योंकि उसकी मॉब लिंचिंग को लेकर किसी ने आवाज़ ही नहीं उठाई। क्यों नहीं उठाई? क्योंकि आरोपितों में मुस्लिम लोग शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपितों में से 2 के नाम अनवर और मिंटू है, जो भाई हैं। लोगों को यह भी बताना पड़ेगा न।
जलगाँव के पूर्व नगर आयुक्त प्रवीण गेडाम ने फरवरी 2006 में इस संबंध में शिकायत दर्ज की थी। जलगाँव के बाहरी इलाके में बनाए जाने वाले 5,000 घरों में से केवल 1,500 घरों का ही निर्माण पूरा हो पाया था। फैसला सुनाने के बाद सभी आरोपितों को हिरासत में ले लिया गया।