मौका चाहे नए साल का हो, संसद सत्र का हो, चुनाव का हो या फिर राहुल गाँधी के जन्मदिन का... वो हर बड़े मौके पर विदेश की यात्रा पर होते हैं। वैसे अब मौका कॉन्ग्रेस स्थापना दिवस का है, लेकिन राहुल गाँधी...
राहुल गाँधी 'ओजस्वी वक्ता' हैं। उनके भाषण 'बहुत मजेदार' होते हैं। यह किसी से छिपा नहीं। उनका ऐसा ही एक भाषण कृषि कानूनों पर वायरल हो रहा है। जरा, उनके तर्क समझिए और समझाइए।
इसमें कोई दो राय नहीं कि कॉन्ग्रेस का ये फैसला न केवल जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे देश में उस पर भारी पड़ेगा और संकट में पड़े कॉन्ग्रेस के राजनीतिक भविष्य के लिए ये ताबूत में आखिरी कील का काम करेगा।