पीड़िता के अनुसार, उसे जबरन पोर्न दिखवाया जाता था। बात न मानने पर कार में पीटा जाता था। गले पर छुरी रखकर धमकी दी जाती थी। धर्म बदलकर शादी करने के लिए दबाव डाला जाता था।
आरोपित छात्राओं पर धर्मांतरण, निकाह का दबाव बनाते थे और आए दिन पैसे भी माँगते थे। जब ये डिमांड और ब्लैकमेलिंग ज्यादा बढ़ने लगी, तब एक पीड़िता ने पुलिस में शिकायत देने का निर्णय लिया।
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व जज को रेप केस में राहत दी है। कोर्ट का कहना है कि सहमति से दोनों के बीच संबंध बने थे और रिश्ते बिगड़ने के बाद महिला ने केस दर्ज कराया था।