चरवाहा स्कूल को चलाने की जिम्मेदारी कृषि, सिंचाई, उद्योग, पशु पालन, ग्रामीण विकास और शिक्षा विभाग को दी गई थी। लालू ने एक तरह से बच्चों पर ज़िंदगी भर के लिए 'चरवाहा' का टैग लगा दिया।
बिहार की राजनीति में सक्रिय ऐसे ही माफियाओं की फेहरिस्त में एक नाम राजन तिवारी का भी है। राजन तिवारी ऐसे बाहुबली हैं, जिनका दबदबा दो राज्यों यूपी और बिहार दोनों जगह रहा है।
आज हम चंदा बाबू की बात करने जा रहे हैं, जिनके दो बेटों को तेज़ाब से नहला कर मार डाला गया। तीसरा गवाह था, लेकिन उसकी भी हत्या हो गई। बुजुर्ग दम्पति आज भी शहाबुद्दीन के खौफ के बीच जीते हैं।
पार्टी बदली, इलाका बदला, जेल भी गया लेकिन फिर भी इस बाहुबली का दबदबा कायम रहा। 1987 से सालों तक मोस्ट वांटेड रहे मनोरंजन सिंह को लोग उनके इलाके में ‘धूमल सिंह’ के नाम से बुलाते हैं।
बिहार में लालू-राबड़ी युग के जंगलराज की एक से बढ़ कर एक कहानियाँ हैं। इनमें से एक है छपरा जेल काण्ड। जी हाँ, जेल में रहने वाले कैदियों ने ही जेल पर कब्जा कर लिया था।