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लालू यादव

ट्विटर ने सुशील मोदी का ट्वीट किया डिलीट: लालू यादव को एक्सपोज़ करने में नियमों के उल्लंघन को बताया वजह

सुशील मोदी ने अपने ट्वीट में कहा था कि जब उन्होंने वापस उस नंबर को मिलाया तो लालू प्रसाद यादव ने सीधे फोन उठाया था। जिसके बाद उन्होंने जवाब दिया था कि यह गंदा खेल सफल नहीं होगा।

लालू यादव जिसे सेक्रेटरी, स्टेपनी बताकर जीवन भर खारिज करते रहे, हर मोड़ पर उसने ही उन्हें नचाया

मेरा सेक्रेटरी। मेरा जूनियर। नीतीश का स्टेपनी। लालू जीवनभर सुशील मोदी को सियासी तौर पर छोटा दिखाते रहे, मोदी उनके लिए मुसीबतों का सबब बनते गए।

‘स्पीकर के चुनाव में साथ दो, तुम्हें मंत्री बनाएँगे’: लालू यादव का MLA को लालच देने वाला कॉल, सुनें ऑडियो क्लिप

बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने लालू यादव पर विधायकों को प्रलोभन देने का आरोप लगाया है। साथ ही एक ऑडियो क्लिप भी शेयर किया।

बिहार ने जातिवादी राजनीति का खेल खेलने वालों की कब्र खोदी, मगर वाम आतंकियों का मजबूत होना चिंताजनक

आखिर अस्सी-नब्बे के दशक में जो लोगों को अपने उपनाम छुपाने पड़े थे, वो किसे याद नहीं? एक कथित सेक्युलर चैनल के ईनामी पत्रकार भी तो अपना नाम 'कुमार' तक ही बताते हैं, पूरा नाम नहीं बताते ना? क्यों छुपाना पड़ा था, ये याद तो आता है!

लालू का करीबी जो जेल में रहते MLC बना, रंगदारी की.. जिस BJP नेता की हत्या की, उसी की पत्नी के खिलाफ लड़ रहा...

रीतलाल यादव RJD के टिकट पर जिसके खिलाफ चुनाव लड़ रहा है, उस भाजपा प्रत्याशी के पति की हत्या का आरोप भी रीतलाल पर है।

लालू का MLA, दलित लड़की से रेप… लेकिन ‘बाबू साहब के सामने सीना तानकर चलते थे’ के नाम पर वोट!

जब तक ये फैसला आया तब तक अपराधियों में से एक मर चुका था, लेकिन पच्चीस साल बीतने पर भी एक दूसरा अपराधी फरार ही...

छपरा के ‘नाथ’ जिसे अपने ही चेले से मिली हार तो बदले में उसे बम से उड़ाया, RJD से बेटा लड़ रहा चुनाव

सियासत में कूदने से पहले ही प्रभुनाथ का आस्तीन दाग़दार हो चुका था। 1980 में मशरक के विधायक रामदेव सिंह की हत्या हुई थी और आरोप लगा था प्रभुनाथ सिंह पर।

समुदाय विशेष को BJP का डर भी दिखाया, ‘जात’ देख कर आरोपित को भी बचाया: लालू यादव का MY समीकरण

उन्हें जम कर भाजपा का डर दिखाया। इससे वो मुस्लिमों के मसीहा भी बने रहे और यादवों का वोट भी उन्हें मिलता रहा। इस तरह उन्होंने MY समीकरण बना कर राज किया।

लालू यादव के 3 बकरों की बलि, मुझे मारने के लिए कराई थी तांत्रिक पूजा: सुशील मोदी

"लालू को जनता पर भरोसा नहीं, इसलिए वे तंत्र-मंत्र, पशुबलि और प्रेत साधना जैसे कर्म-कांड कराते रहे हैं।" - सुशील मोदी के इस ट्वीट के बाद...

खून पर खून और खून के बदले खून: बिहार में जातीय नरसंहार के बूते लालू ने कुछ यूँ खड़ी की थी ‘सामाजिक न्याय’ की...

अगस्त 12-13, 1992 का दिन। गया जिला का बारा गाँव। माओवादियों ने इलाके को घेरा और 'भूमिहार' जाति के 35 लोग घर से निकाले गए। पास में एक नहर के पास ले जाकर उनके हाथ बाँधे गए और सबका गला रेत कर मार डाला गया। लालू राज में जाति के नाम पर ऐसी न जाने कितनी घटनाएँ हुईं।

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