बांग्लादेश में इस्लामी कट्टरपंथ का सबसे बड़ा शिकार अल्पसंख्यक हिन्दू और बाकी समुदाय हैं। अगस्त, 2024 के बाद से बांग्लादेश में 1200 से अधिक घटनाएँ अल्पसंख्यकों पर हमले की सामने आ चुकी हैं।
बांग्लादेश में जुलाई-अगस्त के दौरान हुई हिंसा को रोकने का काम करने वाले 1059 पुलिसकर्मी भी अब यूनुस सरकार के निशाने पर हैं। 41 को गिरफ्तार किया भी जा चुका है।
अवामी लीग ने बांग्लादेश में तख्तापलट होने के बाद पहला प्रदर्शन करने का आह्वान किया था। युनूस सरकार ने उसे भी रुकवाने के लिए बड़ी तादाद में सेना तैनात कर दी।