Homeवीडियोव्यंग्य: बकैत कुमार कृषि बिल पर नाराज - अजीत भारती का वीडियो | Bakait...

व्यंग्य: बकैत कुमार कृषि बिल पर नाराज – अजीत भारती का वीडियो | Bakait Kumar doesn’t like farm bill 2020

देश को पहले जीडीपी का सदमा देने के बाद अब नए कृषि कानून को लाकर मोदी सरकार ने किसानों पर हमला बोला है। ऐसे में देश का युवा 'बकैत कुमार की राय' पढ़ने की बजाय अब भी गूगल पर IPL के बारे में सर्च करने में लगा है।

देश को पहले जीडीपी का सदमा देने के बाद अब नए कृषि कानून को लाकर मोदी सरकार ने किसानों पर हमला बोला है। ऐसे में देश का युवा ‘बकैत कुमार की राय’ पढ़ने की बजाय अब भी गूगल पर IPL के बारे में सर्च करने में लगा है।

बकैत कुमार आए दिन देश के युवाओं के लिए नोट्स बना रहे हैं, तब भी बदले में उन्हें केवल फेसबुक पर गाली सुनने को मिलती है।

साल 2019 में बकैत कुमार ने फेसबुक पोस्ट लिखकर, स्टूडियो से कैंपेनिंग करके, भक्तों से गाली खाकर बहुत कोशिश की थी कि किसी तरह कोई बीजेपी का साथ छोड़कर आए और उनके चैनल को टीआरपी मिले। मगर, हुआ क्या? कुछ नहीं।

अब साल 2020 में किसान के लिए कानून आ गया। इस कानून में ऊपर से सब ठीक है। मगर, बकैत कुमार जैसी रिसर्च करने पर पता चलता है कि सरकार गरीब किसान को कंफ्यूज करना चाहती है।

पूरी वीडियो इस लिंक पर क्लिक करके देखें

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत भारती
अजीत भारती
पूर्व सम्पादक (फ़रवरी 2021 तक), ऑपइंडिया हिन्दी

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -