Homeवीडियोबिहार चुनाव 2020मिथिला के कवि कोकिल विद्यापति की जन्मस्थली उपेक्षित | Vidyapati's Bisfi ignored, in bad...

मिथिला के कवि कोकिल विद्यापति की जन्मस्थली उपेक्षित | Vidyapati’s Bisfi ignored, in bad shape

मैथिल लोग जहाँ भी होते हैं, विद्यापति को अपनी धरोहर मान कर स्नेहपूर्वक उनकी बातें करते हैं, लेकिन उनके जन्मस्थल बिस्फी की उपेक्षा पर चर्चा नहीं होती।

मैथिल लोग जहाँ भी होते हैं, विद्यापति को अपनी धरोहर मान कर स्नेहपूर्वक उनकी बातें करते हैं, लेकिन उनके जन्मस्थल बिस्फी की उपेक्षा पर चर्चा नहीं होती।

पूरा वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करें

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत झा
अजीत झा
संपादक, ऑपइंडिया (हिंदी)

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -