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TV पर लगेगी न्यूड पाठशालाः वयस्कों को नंगा करके दिखाएँगे ताकि इंसानी शरीर के बारे में जान सकें युवा, नेटिजन्स ने जताया एतराज

उन्होंने शो का बचाव करते हुए मीडिया से कहा, "मैं ऐसे शो बनाना पसंद करती हूँ जो भ्रांतियों को तोड़ते हों और जिनसे बदलाव पड़ता हो। और जो भी शो मैंने किए हैं आप देख सकते हैं कि उन्होंने ऐसा ही किया है।”

ब्रिटेन में ‘4 टीवी’ नाम के चैनल पर युवाओं को इंसानी शरीर के प्रति जागरूक करने के लिए ‘नेक्ड एजुकेशन (Naked Education)’ नाम का शो शुरू किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस शो का मकसद ये है कि वयस्कों का नग्न शरीर दिखाकर युवाओं को इंसानी शरीर के लिए सहज किया जाएगा।

सामने आए ट्रेलर में देख सकते हैं कि कैसे युवाओं को समझाया जा रहा है कि नग्न होना कोई गलत चीज नहीं है। हर तरह के शरीर को सामान्य ढंग से देखा जाना चाहिए। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस शो की होस्ट एना रिचर्डसन (Anna Richardson) हैं। वह खुद को पढ़ा-लिखा, भावनात्मक और आनंदपूर्ण बताती हैं। उन्होंने पहले ‘नेक्ड अट्रैक्शन’ नाम के शो में भी काम किया है। यह एक डेटिंग शो था।

उन्होंने अपने नए शो का बचाव करते हुए मीडिया से कहा, “मैं ऐसे शो बनाना पसंद करती हूँ जो भ्रांतियों को तोड़ते हों और जिनसे बदलाव पड़ता हो। और जो भी शो मैंने किए हैं आप देख सकते हैं कि उन्होंने ऐसा ही किया है।” उन्होंने बताया कि ये शो उन युवाओं के लिए है जो अपने शरीर को जानने के लिए इच्छुक रहते हैं।

चैनल 4 ने इस शो को ग्राउंडब्रेकिंग सीरीज कहा। चैनल के अनुसार, “नंगा होना हमेशा बुरा नहीं होता। ये शो हर शरीर को सामान्य बनाता है।” वहीं एना के मुताबिक ये नेक्ड एजुकेशन शो एक बॉडी पॉजिटिव शो है, जो हर शरीर का और उसकी विभिन्नताओं का सामान्यीकरण करता है ताकि लोग बिन कपड़ों के भी शरीर को स्वीकार पाएँ।

सोशल मीडिया पर हो रहा शो का विरोध

बता दें इस शो की झलक देखने के बाद समाज का अधिकतर वर्ग इसका विरोध कर रहा है। कहा जा रहा है कि ये चैनल बच्चों को जागरूक करने की जगह भ्रमित करेगा। इसके अलावा सोशल मीडिया यूजर्स भी इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर ऐसा काम उनके समय में कोई करता था तो उसे ‘फ्लैशिंग’ कहा जाता था जबकि अब तो ये सब नेशनल टीवी पर खुलकर हो रहा है।

इससे पहले नेटफ्लिक्स पर एक फ्रेंच मूवी क्यूटीज आई थी। उसमें 11 साल की लड़की से अश्लीलता करवाई गई थी। वामपंथियों ने इसे बच्चों में सेक्स एजुकेशन सामान्य करने का प्रयास बताया था। इसके अलावा कुछ लोगों ने दो कदम आगे बढ़ते हुए बाल यौन शोषण करने वालों को भी भी जायज ठहराया था। उनका कहना था कि पेडोफाइल्स केवल वो लोग होते हैं जो नाबालिगों की ओर आकर्षित होते हैं

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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