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वो 5 बार हल्ला करते हैं तो हमें व्यवधान नहीं होता..: राजस्थान के मंत्री का ऐलान- 47 सालों से बंद देवनारायण मंदिर का खुलेगा ताला, मुस्लिम पक्ष ने जताई थी आपत्ति

राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बुधवार (28 फरवरी 2024) को भीलवाड़ा जिले में लगभग 47 वर्षों से बंद पड़े देवनारायण मंदिर को जल्द खोलने का एलान किया है। उन्होंने मंदिर पर ताला लगाए जाने को पुरानी सरकार की तुष्टिकरण की नीति बताया। मदन दिलावर ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री से भी चर्चा की है।

राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बुधवार (28 फरवरी 2024) को भीलवाड़ा जिले में लगभग 47 वर्षों से बंद पड़े देवनारायण मंदिर को जल्द खोलने का एलान किया है। उन्होंने मंदिर पर ताला लगाए जाने को पुरानी सरकार की तुष्टिकरण की नीति बताया। मदन दिलावर ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री से भी चर्चा की है। मार्च 2022 में इसे खुलवाने के लिए हिन्दू समाज ने 17 किलोमीटर लम्बा मार्च निकाला था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मदन दिलावर जयपुर में बिजोलिया किसान आंदोलन के प्रणेता विजय सिंह पथिक की 143वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, “वो ताला इसलिए लगा दिया गया था, क्योंकि कुछ लोगों को भगवान देवनारायण के भजन-कीर्तन से जो आवाज आती है उससे उन्हें व्यवधान उत्पन्न होता था। वो 5 बार जब हल्ला करते हैं तो हमको व्यवधान नहीं होता।”

उन्होंने आगे कहा, “तुष्टिकरण की नीति अपनाते हुए 47 साल पहले भगवान देवनारायण के मंदिर पर ताला लगा दिया गया था, जो आज तक लगा हुआ है।” उन्होंने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से चर्चा की है। कुछ दिनों के बाद अच्छा दिन देखकर भगवान देवनारायण के मंदिर का ताला खोला जाएगा। राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

मदन दिलावर के सम्बोधन के दौरान मौके पर मौजूद लोग गुरुदेव महराज और भगवान देवनारायण की जयघोष करते रहे। मदन दिलावर ने कहा कि पुरानी कॉन्ग्रेस सरकार में मंदिर का ताला खोलने का प्रयास करने वाले गोपाल गुर्जर को जेल में डाल दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि गोपाल गुर्जर को जेल भेजकर पिछली सरकार वाले पछता रहे हैं।

2022 में हुआ था आंदोलन

गौरतलब है कि मंदिर की भूमि पर मुस्लिम समुदाय द्वारा दावा ठोकने की वजह से पिछले 45 वर्षों से यह मंदिर बंद पड़ा है। साल 1977 में अदालत के आदेश पर मंदिर पर ताला लगाकर उसकी चाबी मांडल थाने में जमा कर दी गई थी। 11 मार्च 2022 को गोपाल सिंह गुर्जर नाम के एक युवक ने इस मंदिर में लगे ताले को तोड़ दिया था।

तब पुलिस ने गोपाल पर अदालत की अवमानना और धार्मिक भावनाएँ भड़काने के आरोपों में FIR दर्ज की थी और उन्हें गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया था। पुलिस की इस कार्रवाई से नाराज हिन्दू संगठनों ने सोमवार (14 मार्च, 2022) को सुबह 10 बजे मांडल में 17 किलोमीटर लम्बा जुलूस निकाला था। इस प्रदर्शन का नेतृत्व गुर्जर समाज ने किया था।

जुलूस में शामिल रथ पर भगवान देवनारायण का चित्र विराजमान था। कई कारों और बाइकों के इस काफिले में पर हजारों युवक भगवा झंडा लेकर चल रहे थे। जुलूस को पुलिस ने जेल चौराहा पर रोक दिया था। इसके बाद लोग वहीं धरने पर बैठ गए थे। मंदिर का ताला खोलने के लिए सोशल मीडिया पर हैशटैग भी चलाया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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