Homeदेश-समाजरमजान के पहले दिन हलीम Free…. ऑफर देख होटल के बाहर जुटे सैकड़ों रोजाधारी:...

रमजान के पहले दिन हलीम Free…. ऑफर देख होटल के बाहर जुटे सैकड़ों रोजाधारी: हैदराबाद पुलिस ने लाठी-डंडों से मारकर भगाया, केस दर्ज

फ्री हलीम का नाम सुनकर होटल में इतनी भीड़ जुटी कि उसे काबू करना मुश्किल हो गया। पुलिस को आकर वहाँ लाठी चार्ज करना पड़ा तब जाकर स्थिति नियंत्रण में आई। अब पुलिस ने होटल के खिलाफ केस दर्ज किया है।

रमजान का महीना शुरू होते ही पहले दिन हैदराबाद में एक होटल/रेस्टोरेंट के बाहर सैंकड़ों की भीड़ हलीम खाने पहुँची। बताया जा रहा है कि होटल/रेस्टोरेंट ने रमजान पर अपने यहाँ फ्री हलीम का ऑफर रखा था। इसके बाद क्या…? उनके होटल/रेस्टोरेंट के बाहर इतनी भीड़ जुटी कि उसे काबू करना मुश्किल हो गया। हालात ऐसे हो गए कि पुलिस को वहाँ आकर लाठी चार्ज करना पड़ा, तब जाकर स्थिति नियंत्रण में आई।

मामला मालकपेट शहर के एक नए होटल/रेस्टोरेंट ‘Aazebo’ का है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जहाँ होटल/रेस्टोरेंट के बाहर मार्केट वाली जगह पर इतनी भीड़ जुटी कि आसपास बड़ा ट्रैफिक जाम लग गया। लोग हलीम को माँगने के लिए लड़ाई लड़ने लगे। एक दूसरे से धक्का-मुक्की शुरू हो गई। बिगड़ते हालातों को देखते हुए पुलिस ने आकर स्थिति को संभाला तो लेकिन ये बेहद मुश्किल काम था। होटल/रेस्टोरेंट के बाहर फ्री हलीम के इंतजार में खड़ा कोई व्यक्ति वहाँ से हटने को तैयार नहीं था। ऐसे में पुलिस को लाठी चार्ज का भी सहारा लेना पड़ा।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में मालकपेट इंस्पेक्टर यू श्रीनिवास ने ट्रैफिक की आवाजाही बाधित करने के लिए होटल के खिलाफ केस को दर्ज कर लिया है। उन्होंने बताया कि होटल/रेस्टोरेंट मैनेजमेंट ने पहले से कोई जानकारी नहीं दी थी कि होटल/रेस्टोरेंट ऐसा कोई ऑफर दे रहा है या उन्होंने इस संबंध में पहले कोई परमिशन भी नहीं ली थी। पुलिस इंस्पेक्टर ने कहा कि इस तरह डिस्टरबेंस बढ़ाने के लिए और यातायात बाधित करने के लिए मामला दर्ज हो गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -