Homeराजनीतिआज सत्ता में आने पर चुनाव आयोग को देख लेने की धमकी दे रहे...

आज सत्ता में आने पर चुनाव आयोग को देख लेने की धमकी दे रहे हैं राहुल गाँधी, कभी केरल में फेक वोटर कार्ड के साथ पकड़े गए थे यूथ कॉन्ग्रेस के नेता

विडंबना ये है कि 2023 में केरल में यूथ कॉन्ग्रेस के नेता विक्रम, फैनी और बिनिल बीनू फर्जी वोटर ID मामले में गिरफ्तार हुए थे। इनके पास से तमिल ऐक्टर अजित का फेक ID सहित 24 जाली कार्ड बरामद हुए थे।

कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ने गुरुवार (7 अगस्त) को चुनाव आयोग पर वोटर फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें राहुल गाँधी ने सबूतों के नाम पर सिर्फ एक लोकसभा सीट के एक क्षेत्र का डेटा दिखाकर खानापूर्ति करने की कोशिश की और चुनाव आयोग के अधिकारियों को परिणाम भुगतने की धमकी दी। राहुल गाँधी फर्जी वोटरों के जैसे आरोपों के जरिए चुनाव आयोग को घेरने की कोशिश कर रहे हैं, वैसे ही एक मामले में 2023 में यूथ कॉन्ग्रेस के नेताओं को फर्जी वोटर कार्ड के साथ गिरफ्तार किया गया था।

EC के अधिकारियों को धमकाते हुए क्या बोले राहुल गाँधी?

राहुल गाँधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई ऐसे दावे किए जिनका तथ्यों से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं था। हालाँकि, चुनाव आयोग के अधिकारियों को धमकाने में राहुल गाँधी ने कोई कसर नहीं छोड़ी, उन्होंने अधिकारियों को धमकाते हुए कहा कि आयोग को अब उन्हें और देश के लोगों को जानकारी देनी ही होगी।

राहुल ने आगे कहा, “अगर वे जानकारी नहीं देते हैं तो उन्हें परिणाम भुगतने होंगे। इसमें शामिल हर पोलिंग अधिकारी को परिणाम भुगतने होंगे, चाहे वो सीनियर हो या जूनियर। एक दिन विपक्ष सत्ता में आएगा और तब आप देखेंगे कि हम क्या करेंगे।”

जब फर्जी वोटर आईडी के साथ गिरफ्तार हुए यूथ कॉन्ग्रेस के नेता

राहुल गाँधी की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के केंद्र में फर्जी वोटरों से जुड़ा मुद्दा ही रहा। हालाँकि, जैसे फर्जी वोटरों के मामले में राहुल गाँधी चुनाव आयोग को अब घेरना चाहते हैं, वैसे ही एक मामले में उनकी पार्टी की युवा इकाई यूथ कॉन्ग्रेस के नेताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है।

नवंबर 2023 में केरल में यूथ कॉन्ग्रेस के नेता विक्रम, फैनी और बिनिल बीनू को पुलिस ने गिरफ्तार किया गया था। इन तीनों ने यूथ कॉन्ग्रेस के संगठन के चुनावों में मोबाइल ऐप की मदद से फर्जी वोटर आईडी कार्ड बनाए थे। यह ऐप यूथ कॉन्ग्रेस के नेता जैसन द्वारा बनाई गई थी और उसने भी पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था।

इन संगठन चुनावों में यूथ कॉन्ग्रेस के नेता राहुल ममकोटातिल को राज्य इकाई का अध्यक्ष चुना गया था। बाद में पुलिस ने उससे भी पूछताछ की थी। पुलिस ने यूथ कॉन्ग्रेस के नेताओं के कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन और चुनाव के फर्जी आईडी कार्ड जब्त किए थे। चुनाव आयोग के एक अधिकारी की शिकायत पर यह केस दर्ज किया गया था।

पुलिस ने रेड के दौरान तब 24 फर्जी आईडी कार्ड बरामद किए थे जिनमें तमिल ऐक्टर अजित का फर्जी वोटर आईडी कार्ड भी शामिल थी। बीजेपी ने तब आरोप लगाया था कि इस मामले की जानकारी केसी वेणुगोपाल जैसे बड़े कॉन्ग्रेस नेताओं को भी थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

न कोई बड़ा नाम, न कोई पहचान … फिर भी लोकसभा की 5वीं सबसे बड़ी पार्टी बन गई NCPI, उस दल के बारे में...

लोकसभा में 19-20 सांसदों के साथ एनसीपीआई अचानक पाँचवीं सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। इससे वह एनडीए के भीतर भी एक महत्वपूर्ण सहयोगी बनकर उभरी है।

स्टैंडअप शो में बढ़ती अभद्र भाषा पर बहस तेज, प्रणित मोरे और मधुर विर्ली के वीडियो वायरल: क्या खुद दर्शक ही दे रहे ऐसे...

कॉमेडी इंडस्ट्री के विवादों में अभद्र कंटेंट कैसे फेम दिलाता है? समाज की भूमिका क्या है और क्या हम इसे सपोर्ट कर रहे हैं?
- विज्ञापन -