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महाराष्ट्र की सियासत में अब सक्रिय हुआ भाजपा का संजय, 45 शिवसेना विधायकों के संपर्क में होने का कर चुके हैं दावा

एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मिलने काकड़े आज उनके घर पहुँचे। काकड़े राज्यसभा में महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा के लिए चुने गए थे, लेकिन बाद में वे भाजपा में शामिल हो गए।

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से संजय नाम काफी चर्चा में रहा है। शिवसेना सांसद संजय राउत लगातार शिवसेना का मुख्यमंत्री होने के दावों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। दूसरी ओर, मुंबई कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष संजय निरुपम हैं, जो लगातार शिवसेना के साथ जाने को लेकर अपनी पार्टी को चेता रहे हैं। अब इस सियासी पटकथा में भाजपा सांसद संजय काकड़े की भी एंट्री हो गई है।

काकड़े आज (नवंबर 24, 2019) एनसीपी प्रमुख शरद पवार के घर उनसे मिलने पहुँचे। काकड़े राज्यसभा में महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा के लिए चुने गए थे, लेकिन बाद में वे भाजपा में शामिल हो गए। बीते दिनों उन्होंने शिवसेना के 45 विधायकों के बीजेपी के संपर्क में होने का दावा किया था।

बता दें कि देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार के शपथ ग्रहण के विरोध में शिवसेना, राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी और कॉन्ग्रेस तीनों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। तीन सदस्यीय पीठ इस मामले पर आज सुनवाई करेगी।

भाजपा नेता आशीष शेलार ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट जो भी निर्देश देगा, हम उसका पालन करेंगे। लेकिन राज्यपाल ने हमें 30 नवंबर तक का समय दिया है, हम 170 विधायकों या उससे अधिक के साथ बहुमत साबित करेंगे।” इसके साथ ही उन्होंने विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा, “वे कहते हैं कि रात के अंधेरे में शपथग्रहण हो गया। हम लोग सुबह जल्दी उठकर ‘शाखा’ में जाते हैं। इसे ‘राम प्रहार’ का समय कहते हैं। जो लोग भगवान राम को भूल गए वे राम प्रहार का मतलब कैसे समझ सकते हैं?”

इस बीच शिवसेना नेता संजय राउत ने भाजपा पर तंज कसा है। उन्होंने ट्वीट करके देवेंद्र फडणवीस के शपथ ग्रहण को एक्सीडेंटल शपथ ग्रहण बताया है। इसके साथ ही संजय राउत ने कहा कि शरद पवार एक राष्ट्रीय नेता हैं। अगर भाजपा सरकार बनाने की कोशिश कर रही है, तो ऐसा नहीं होगा। यह भाजपा और अजित पवार द्वारा उठाया गया एक गलत कदम है। उनका कहना है कि 165 विधायक शिवसेना, कॉन्ग्रेस और एनसीपी के साथ हैं।

बता दें कि एक दिन पहले शनिवार को महाराष्ट्र में भारतीय राजनीति का सबसे बड़ा उलटफेर हुआ। शनिवार सुबह बीजेपी ने एनसीपी नेता अजित पवार के साथ मिलकर सरकार बना ली थी। राज्य के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने देवेंद्र फड़णवीस को दोबारा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की और अजित पवार को उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई थी। 

हालाँकि शाम होते-होते काफी कुछ बदल गया। एनसीपी मुखिया शरद पवार ने अजित पवार को विधायक दल के नेता पद से हटा दिया और नए नेता के चुनाव तक एनसीपी नेता जयंत पाटिल को विधायक दल की जिम्मेदारी सौंपी गई। शाम तक एनसीपी के 54 में से 49 विधायक मुंबई के होटल में शिफ्ट कर दिए गए। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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