राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान गुरुवार (05 फरवरी 2026) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में करीब 97 मिनट लंबा भाषण दिया। इस दौरान पीएम ने कॉन्ग्रेस, TMC समेत विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला और मौजूदा राजनीतिक हालात से लेकर बीते दशकों की नीतियों तक का जिक्र किया।
पीएम मोदी ने अपने भाषण में विशेष रूप से कॉन्ग्रेस पार्टी और उसके ऐतिहासिक नेतृत्व को निशाने पर लिया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गाँधी के दौर की नीतियों, कार्यशैली और सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय देशवासियों को समस्या के रूप में देखा गया। उनके अनुसार, कॉन्ग्रेस की राजनीति परिवारवाद, सत्ता के केंद्रीकरण और जनता से दूरी पर आधारित रही, जिसका असर देश की संस्थाओं, अर्थव्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों पर पड़ा।
उन्होंने TMC पर घुसपैठियों के समर्थन का आरोप लगाते हुए इसे देश के युवाओं, जनजातीय समुदाय और गरीबों के अधिकारों से जोड़कर देखा। इसके साथ ही उन्होंने UPA सरकार के दौरा की बैंकिंग व्यवस्था, सार्वजनिक उपक्रमों की हालत और किसानों की अनदेखी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि NDA सरकार के दौरान हर क्षेत्र में तस्वीर बदली है।
घुसपैठियों की वकालत करने वाली TMC अपने गिरेबान में झाँके
प्रधानमंत्री ने बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “TMC ने बहुत कुछ कहा। जरा खुद को अपने गिरेबान में झाँके। निर्मम सरकार, पतन के जितने भी पैरामीटर हैं, उन सभी पैरामीटर में नए-नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। और यहाँ उपदेश दे रहे हैं। क्या हाल कर रखा है। ऐसी निर्मम सरकार से लोगों का भविष्य अंधकार में डूब रहा है। लेकिन उनको कोई परवाह नहीं है। सत्ता सुख के सिवाए कोई आकांक्षा नहीं है। और वे यहाँ उपदेश देते हैं।”
घुसपैठियों के मुद्दे पर पीएम मोदी ने कहा, “घुसपैठ… दुनिया का समृद्ध से समृद्ध देश अपने यहाँ गैर-कानूनी नागरिकों को बाहर निकाल रहा है। हमारे देश में घुसपैठियों को बचाने के लिए अदालतों पर प्रेशर डाला जा रहा है। मेरे देश का नौजवान ऐसे लोगों को माफ नहीं करेगा। जो घुसपैठियों को वकालत करने के लिए ताकत लगा रहे हैं और घुसपैठिए मेरे देश के नौजवानों का हक छीन रहे हैं…रोटी छीन रहे हैं..आदिवासियों की जमीन छीन रहे हैं। बेटे-बेटियों की जिंदगी पर खतरे पैदा हो रहे हैं। लेकिन उनके लिए महिलाओं पर अत्याचार होते रहे। सत्ता नीति के सिवाए कुछ करना नहीं है और यहाँ पर हमें उपदेश दे रहे हैं। ऐसी चिंताजनक स्थिति पर आँखें मूँदकर बैठे हैं।”
AAP नेता संजय सिंह को ‘ब्लैक’ पसंद, सत्ताभोगी कॉन्ग्रेस-TMC-DMK पर तंज
पीएम मोदी ने AAP नेता संजय सिंह पर निशाना साधते हुए कहा, “जिनकी पूरी सरकार शराब में डूब गई। जिनके शीशमहल घर-घर में नफरत का कारण बन गए। और शायद उनको ब्लैक शब्द ज्यादा पसंद है। पता नहीं ब्लैक के साथ उनका क्या पुराना रिश्ता है।”
पीएम ने आगे कहा, “ऐसे सभी साथियों से मैं कहूँगा, तुम कितना दुनिया को धोखा दोगे, आईना देख लिया तो अपनी सच्चाई कहाँ छिपाओगे। कॉन्ग्रेस हो, TMC हो, DMK हो… लेफ्ट हो। दशकों से केंद्र में सत्ता के भागीदार रहे हैं, राज्यों में भी सरकारें चलाई हैं। लेकिन उनकी पहचान क्या बनी। आज बिल की चर्चा होती है तब डील की चर्चा होती थी तो ‘Bofors डील’ की याद आती थी। उन्होंने सिर्फ जेब भरने का काम किया, नागरिकों के जीवन में बदलाव लाना। ये उनकी प्राथमिकता नहीं थी।”
UPA सरकार में तबाही की कगार पर थी बैंकिंग व्यवस्था
बैंकिंग सेक्टर की बदली तस्वीर पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “2014 से पहले फोन बैंकिंग सेक्टर का कालखंड था। गरीबों को बैंकों में दुत्कार मिलती थी। 50 प्रतिशत से ज्यादा आबादी बैंक तक नहीं देख पाई थी। कॉन्ग्रेस नेताओं के फोन पर कुछ लोगों को अरबो रुपए दे दिए गए। और जो ले जाते थे कुछ वो अपनी पर्सनल प्रॉपर्टी मानकर पैसे हजम कर जाते थे। कॉन्ग्रेस और UPA और INDI गठबंधन के राज में बैंकिंग व्यवस्था तबाही के कगार पर खड़ी थी।”
इस सेक्टर में NDA सरकार में सुधार पर पीएम मोदी ने कहा, “चुनौती बड़ी थी, लेकिन हमने समझदारी से काम लिया। रिफॉर्म किए… पारदर्शिता व्यवस्था बनाई। ढेर सारे बैंकिंग रिफॉर्म्स हुए और जो सरकारी बैंक दुर्बल हो गए थे। उनको हमने बड़ी बैंको के साथ Merge कर दिया। इन सारी चीजों का नतीजा ये हुआ कि बैंकों में जो बीमारी घर कर गई थी, उससे बैंकों को मुक्ति मिली। बैंकों का स्वास्थ्य सुधरा। लेन-देन का कारोबार बढ़ा। गरीबों को लोन मिले। पीएम ने सरकार की बैंकिंग से जुड़ी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।”
कॉन्ग्रेस ने PSU को अर्बन नक्सल की तरह मीटिंग कर किया गुमराह
पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSUs) पर बात करते हुए पीएम ने कहा, “PSUs…आमतौर पर PSU को लेकर ये मान्यता बन चुकी थी कि वो बनते ही है बीमार होने के लिए, बर्बाद होने के लिए, बंद होने के लिए। हमने इस पूरी मानसिकता को हकीकतों के आधार पर बदलने में सफलता प्राप्त की। ये लोग (UPA सरकार) PSU को लेकर कितनी गलत फैलाते थे। अर्बन नक्सल की तरह मीटिंग कर गुमराह करने का काम करते थे। इन्होंने LIC, SBI और भी HAL हर एक को… भला-बुरा और भद्दे की तरीके से बर्बाद किया।”
NDA सरकार में हुए सुधार गिनाते हुए पीएम ने कहा, “हमने PSU में भी रिफॉर्म किए। आज LIC उत्तम परफॉर्म कर रही है। जिन PSU को कॉन्ग्रेस नेता ताला लगावाने वाले थे, अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेकने का काम किया। उन PSU रिकॉर्ड स्तर पर आगे हैं। वो ‘मेक इन इंडिया’ को गति दे रहे हैं। आज कुछ PSU विश्व की विकास यात्रा में भागीदार बन रहे हैं।”
कॉन्ग्रेस ने देश के अन्नदाता को भी नहीं छोड़ा
UPA सरकारों में हुए किसानों की दुर्दशा पर पीएम मोदी ने कहा, “कॉन्ग्रेस ने हमारे देश के अन्नदाता किसानों को भी नहीं छोड़ा। इस देश में 10 करोड़ किसान ऐसे है, जिनके पास 2 हेक्टेयर से भी कम जमीन है। उनकी तरफ कभी देखा नहीं गया। कॉन्ग्रेस के दिमाग में छोटे किसानों का कोई महत्व नहीं था।”
पीएम सम्मान निधि के बारे में पीएम मोदी ने कहा, “हमारे दिल में किसानों के प्रति दर्द था। इसीलिए पीएम सम्मान निधि योजना लेकर आए। कम समय में छोटे किसाने के बैंक अकाउंट में 4 लाख करोड़ रुपए दिए हैं। इससे छोटे किसानों को नए सपने देखने का सामर्थ्य मिला है।”
इंदिरा गाँधी ने खुद कॉन्ग्रेस के प्लानिंग कमीशन की धज्जियाँ उड़ाई
प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी के भाषण का एक हिस्सा सुनाया, जिसमें इंदिरा गाँधी ने हिमाचल प्रदेश में जीप की जगह खच्चरों की आवश्यकता का जिक्र किया था लेकिन उस समय प्लानिंग कमीशन ने कहा था कि यह पॉलिसी नहीं है। इस पर पीएम मोदी ने कहा, “कॉन्ग्रेस के लंबे शासन में यह कार्यशैली रही है। इंदिरा गाँधी जानती भी थी इसे। लेकिन इस कार्यशैली को सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।”
पीएम मोदी ने आगे कहा, “इंदिरा गाँधी जिस प्लानिंग कमीशन की धज्जियाँ उड़ा रही थी, उसकी जन्मदाता उनके पिताजी थे। और प्लानिंग कमीशन को बने और इंदिरा गाँधी के इस भाषण में दो दशक बीत चुके थे। साल 2014 के बाद जब बीजेपी सरकार आई, तो प्लानिंग कमीशन को खत्म कर दिया और नीति आयोग बनाई। आज नीति आयोग बहुत तेजी से काम कर रहा है।”
नेहरू-इंदिरा औ कॉन्ग्रेस बिरादरी देशवासियों को समस्या समझती है
प्रधानमंत्री ने कॉन्ग्रेस को घेरते हुए कहा, “कॉन्ग्रेस और हमारी सोच में जमीन-आसमान का अंतर है। हमारी सोच है कि 140 करोड़ देशवासी, ये इतने सामर्थ्यवान है कि ये चुनौतियों को समाधान दे सकते हैं। ये हमारी सोच है। हमारा विश्वास है देशवासियों पर। लेकिन कॉन्ग्रेस देशवासियों को ही समस्या मानती है।”
पीएम मोदी ने इंदिरा गाँधी के भाषण का जिक्र करते हुए कहा, “देश के बारे में नेहरू और इंदिरा जी की सोच कैसी थी। इंदिरा जी ईरान गई थी, वहाँ भाषण में उन्होंने नेहरू जी के साथ बातचीत का जिक्र करते हुए कहा- जब किसी ने मेरे पिताजी से पूछा कि उनके सामने कितनी समस्याएँ है, तो नेहरू जी ने कहा कि 35 करोड़ (देश की जनसंख्या), आज देश की समस्या 57 करोड़ है इसीलिए मेरी भी समस्या उतनी ही है।”
इस पर पीएम मोदी ने कहा, “35 करोड़ देशवासी नेहरू जी को समस्या लगते थे। फिर इंदिरा जी को भी 57 करोड़ देशवासी समस्या लगते हैं। कोई होता है, जो देशवासियों को समस्या समझता हो। नेहरू जी हो या इंदिरा जी हो या पूरी कॉन्ग्रेस बिरादरी हो। ये लोग भारत के लोगों को समस्या मानते हैं। ऐसी सोच वाले लोग अपने परिवार का ही भला करेंगे, और किसका करेंगे। देश के लोगों का अपमान करते रहना कॉन्ग्रेस के स्वभाव में है, संस्कारों में है। “
कॉन्ग्रेस ने राष्ट्रपति का अपमान किया, संविधान शब्द बोलने का नहीं अधिकार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में राष्ट्रपति अभिभाषण पर विपक्ष के हंगामे पर कहा, “कॉन्ग्रेस ने बीते दिनों राष्ट्रपति का अपमान किया। चुनाव के बाद राष्ट्रपति के लिए जो शब्द कहे गए, शर्मिंदगी महसूस होती है कि ये कैसे लोग हैं, भारत की राष्ट्रपति के लिए क्या बोल रहे हैं। कल लोकसभा में भी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा नहीं हो पाई। ये राष्ट्रपति पद, उसका घोर अपमान किया है। उन लोगों को संविधान शब्द मुँह पर बोलने का भी अधिकार नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा, “गरीबी से निकली हुई महिला। आदिवासी समाज से निकली महिला। आपने लोकसभा में जो अपमान किया, वो आपने आदिवासी समाज का अपमान किया है। आपने महिला का अपमान किया है। भारत के सर्वोच्च पद पर विराजमान, संविधान ने जिनको पद दिया, आपने संविधान का अपमान किया है।”
असम और पूरे नॉर्थ ईस्ट का कॉन्ग्रेस ने किया अपमान
बड़ी दर्दनाक लोकसभा की घटना है। और शायद हताशा-निराशा तो समझ सकते हैं। लेकिन इसके लिए देश के पवित्र लोकतंत्र के मंदिर को ही… उस समय चेयर पर असम के ही हमारे माननीय सांसद बैठे थे। उसम समय कागज फेंके गए। यह नॉर्थ ईस्ट का अपमान है। असम के नागरिकों का अपमान है। कल फिर किया। उस समय आंध्र के दलित परिवार का बेटा चेयर पर बैठा। उसका अपमान किया। सदन ने इनको काम दिया है, लेकिन वो दलित समाज से आते हैं, इसीलिए आप अपमान करते हो।
ऐसा लगता है कि कॉन्ग्रेस को असम की जनता के प्रति बड़ी नफरत है। जब भारत रत्न भूपेंद्र हजारी जी, नॉर्थ ईस्ट में वाणी से बाँधकर रखा था। हमने उन्हें भारत रत्न देने का निर्णय किया। इस पर भी इनको (कॉन्ग्रेस) को ऐतराज। खड़गे जी होते तो उनके हाजिरी में कहता मैं। उन्होंने वीडियो में जो कहा, वह अपमानति था। कहा ये तो सिंगर थे। ये लोग किसी का अपमान करने में कभी भी पीछे नहीं रहते हैं। उन्होंने भूपेंद्र हजारी का अपमान किया। ये असम का अपमान है, कला का अपमान है।
कॉन्ग्रेस के भीतर सिखों के प्रति नफरत
बीजेपी नेता रवनीत बिट्टू को राहुल गाँधी द्वारा ‘गद्दार’ कहे जाने पर प्रधानमंत्री मोदी का गुस्सा फूटा। पीएम ने कहा, “कॉन्ग्रेस के शातिर दिमाग वाले युवराज ने, एक नेता को गद्दार कह दिया। अहंकार कितना सातवें आसमान पर पहुँच चुका है। कॉन्ग्रेस के कितने टुकड़े हुए। कई लोग दूसरे दलों में गए लेकिन औरों को नहीं कहा गद्दार। कल सांसद को गद्दार इसीलिए कहा क्योंकि वो सिख थे। ये सिखों का अपमान था।”
पीएम ने आगे कहा, “कॉन्ग्रेस के अंदर कूट-कूटकर सिखों के प्रति नफरत भरी है, वो इसी का प्रदर्शन था। कॉन्ग्रेस को इसा जरा भी दर्द नहीं, वरना आज खड़े होकर वे खेद प्रकट कर सकते थे। लेकिन सिखों के प्रति उनके मन में जो नफरत भरी पड़ी है। ये वही था। उनका परिवार देश के लिए शहीद हुआ। ऐसे लोग कॉन्ग्रेस को नहीं डुबाएँगे तो और क्या करेंगे।”
सांसद सदानंद मास्टर पर भी पीएम मोदी ने कहा, “दूसरी तरफ सदानंद मास्टर जी का दृश्य है। राजनीति के कारण उनके दोनों पैर काट दिए गए। भरी जवानी में पैर काट दिए। लेकिन संस्कार इतने है कि वाणी में कभी अपशब्द नहीं निकलते।”
कॉन्ग्रेस ‘मोदी की कब्र खोदने’ के कार्यक्रम करवा रही
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “वैसे कॉन्ग्रेस के हमारे साथिया का मुझ पर जरा विशेष प्रेम है। और जब मैंने देश के लिए जीना सीखा है। हम विकसित भारत की जमीन मजबूत कर रहे हैं। एक तरफ देश के युवाओं के लिए जमीन मजबूत कर रहा हूँ, तो दूसरी तरफ कॉन्ग्रेस मोदी की कब्र खोदने के कार्यक्रम करवा रही है। और मोहब्बत की दुकान खोलने वाले मोदी तेरी कब्र खुदेगी के नारे लगा रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “ये कौन-सी मोहब्बत की दुकान है, जो देश के नागरिक के कब्र खोदने के सपने देखती हो। ये कौन-से संविधान से उनसे सीखा है। क्या ये संविधान का अपमान नहीं है… क्या ये मानवता का अपमान नहीं है… लेकिन उनका इसका कोई खेद नहीं है। इसके बाद बयान देंगे कि देखो प्रधानमंत्री राज्यसभा में भी रो रहा था। किस प्रकार के संस्कार से पले-बढ़े लोग हैं ये। पिछले 25 साल से संसद का एक भी सत्र ऐसा नहीं गया, जिसमें इस सदन के अंदर मोदी को गाली देने का काम न किया हो इन लोगों ने। मेरे स्वास्थ्य का राज है कि मैं रोज दो किलो गाली खाता हूँ।”
कॉन्ग्रेस ने प्रधानमंत्री पद को परिवार की जागीर समझा
पीएम ने कहा, “मोदी की कब्र खुदेगी सिर्फ नारा नहीं है। इनके भीतर नफरत का प्रतिबिंब है… अभिवय्क्ति है। क्योंकि हमने 370 की दीवार गिरा दी। इसीलिए मोदी की कब्र खोदना चाहते हैं। हमने नॉर्थ ईस्ट में बम-बंदूक और आतंक का जो छाया बना रहता था। वहाँ शांति और विकास की राह अपनाई। इसीलिए कब्र खोदना चाहते हैं। पाकिस्तानी आतंकियों को घर में घुसकर जवाब देते हैं, इसीलिए कब्र खोदना चाहते हैं। ऑपरेशन सिंदूर करते हैं, इसीलिए वो मोदी की कब्र खोदते हैं। माओवादी आतंक से देश को मुक्ति दिला रहे हैं, इसीलिए मोदी की कब्र खोदना चाहते हैं।”
पू्र्व पीएम जवाहर लाल नेहरू पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा, “नेहरू जी ने देश के साथ बहुत बड़ा अन्याय किया था। सिंदु जल समझौता करके। उस सिंधु जल समझौते को हमने साइड में डाल दिया क्या इसीलिए आप मोदी की कब्र खोदने के नारे लगा रहे हो। कॉन्ग्रेस पचा नहीं पा रही कि मोदी यहाँ तक पहुँचा कैसे। उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है कि पहुँचा तो पहुँचा लेकिने अब तक टिका कैसे है। इसीलिए उन्हे एक ही रास्ता दिख रहा है कि ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी।”
पीएम ने आगे कहा, “ये तो मानकर बैठे थे.. इनका लोकतंत्र संविधान से कोई लेना-देना नहीं। उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री पद इनके परिवार की जागीर है। दूसरा कोई और बैठ नहीं सकता। ये जो इनके भीतर नफरत भरी है, मोहब्बत की दुकान भरी हुई है। ये उसका परिणाम है। इसीलिए कोई क्यों बैठा सोचते हैं और सोचते हैं कि ये तो उनका पैतृक अधिकार था। इसीलिए मोदी की कब्र खोदना चाहते हैं।”
पीएम मोदी ने कहा- 140 करोड़ देशवासी मेरा रिमोट
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, “कॉन्ग्रेस को देश ने दशकों तक अवसर दिया है। देश ने आपके लिए भी अपना भविष्य दाँव पर लगाया था। आपने गरीबी हटाओ के नारे लगाए, गुमराह किया। लाल किले से हर प्रधानमंत्री के भाषण में गरीबी हटाने की बात कही गई, लेकिन कुछ नहीं किया गया। लेकिन मोदी ने गरीब को सशक्त करने के लिए कदम उठाया। मैं देश के गरीबों को सलाम करता हूँ। उन्होंने देश की योजनाओं को समझा और स्वीकारा।”
उन्होंने आगे कहा, “इनकी सरकार रिमोट से चलती थी। मेरी सरकार भी रिमोट से चलती है। 140 करोड़ देशवासी मेरा रिमोट हैं। 140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाएँ, देश के नौजवानों के संकल्प.. इनके लिए हम जीते हैं। इनके लिए सरकार चलाते हैं। सत्ता हमारे लिए सुख का रास्ता नहीं है, सेवा का माध्यम है।”
कॉन्ग्रेस ने महात्मा गाँधी का चुराया सरनेम, विकसित भारत 2047 पर सवाल उठाने वाले ‘निराशावादी’
पीएम मोदी ने कॉन्ग्रेस को घेरते हुए कहा, “चोरी करना जिनका पुश्तैनी धँधा है। जिन्होंने एक गुजराती का सरनेम भी चुरा लिया। महात्मा गाँधी का सरनेम चुरा लिया। देश की जनता ऐसे लोगों को खूब पटक भी देती है।”
विकसित भारत 2047 अभियान पर सवाल उठाने वाली कॉन्ग्रेस पर पीएम मोदी ने कहा, “कुछ हमारे साथी इतने निऱाशावादी लोग, बदलती हुई दुनिया से अभिग्य लोग कहते हैं कि मोदी क्या बोल रहा है। 2047 किसने देखा है। जो फाँसी पर चढ़ जाते थे, जो लाठी खाते थे, जो काला पानी की सजा में अंडमान निकोबार की सेलुलर जेल में जीवन बिताते थे, पढ़ाई छोड़ देते थे। अगर वो सोचते कि हमारे कालखंड में तो आजादी मिलेगी नहीं तो मैं क्यों कुछ करूँ। ये (कॉन्ग्रेस) इतने निराशावादी लोग हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “जब मैं डिजिटल इंडिया की बात करता था… UPI की बात करता था। तब ये लोग कहते थे कि गरीब आदमी फोन पर कैसे काम करेगा। 3 साल के भीतर ही देश ने दिखा दिया कि ये हो सकता है। मैं हैरान था ये देखकर। इकोसिस्टम को जवाब मिल गया। जब हाथ में फोन लेकर UPI चलता है न, तो जवाब अपनेआप मिल जाता है।”


