दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) परिसर में रविवार (22 फरवरी 2026) की देर रात हिंसक झड़प की गंभीर घटना सामने आई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने आरोप लगाया है कि वामपंथी संगठनों से जुड़े तत्वों ने उनके कार्यकर्ताओं और छात्रों पर सुनियोजित हमला किया, जिसमें कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। ABVP के मुताबिक, यह हिंसा बीते एक सप्ताह से चल रही वामपंथी संगठनों की हड़ताल के बाद भड़की, जिसने पूरे कैंपस में भय और अराजकता का माहौल पैदा कर दिया।
सोशल साइंसेज स्कूल में बायोटेक छात्र पर जानलेवा हमला
ABVP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के छात्र प्रतीक भारद्वाज पर स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज परिसर के भीतर हमला किया गया। आरोप है कि पहले प्रतीक की आँख में फायर एक्सटिंग्विशर पाउडर छिड़का और फिर बेरहमी से पीटा गया।
इतना ही नहीं हमले के दौरान एक सिलेंडर खोलकर उसका भी इस्तेमाल किए जाने का दावा किया गया है। इस बर्बर हमले में प्रतीक गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रतीक को अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। छात्र ने खुद बताया है कि कैसे डंडे और चाकू लेकर उस पर हमला किया गया और वह बचने के लिए वॉशरुम में छिपा हुआ है।
Prateek Bhardwaj, a Biotechnology student from the School of Biotechnology, JNU was allegedly ambushed inside the School of Social Sciences premises by Leftist goons. He was first blinded with fire extinguisher powder and then mercilessly beaten. It is further alleged that even a… pic.twitter.com/uHgVTZ05Bu
— ABVP (@ABVPVoice) February 22, 2026
X पर ABVP ने घायल छात्र का एक और वीडियो शेयर किया है, जिसमें उसे सहारा देकर अस्पताल ले जाया जा रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि छात्र बुरी तरह घायल है, उसे उल्टियाँ हो रही हैं और वो ठीक से चल भी नहीं पा रहा है। वीडियो को शेयर कर ABVP ने तुरंत कार्रवाई की माँग की है।
Brutal violence in JNU! Students have been severely injured after a shocking attack by Left-affiliated groups, their only “fault” was studying peacefully in the library.
— ABVP (@ABVPVoice) February 22, 2026
This is not politics. This is cowardly, targeted violence against students who came here to study, not to be… pic.twitter.com/UdPXXFAWv2
प्रतीक की ही तरह ABVP के एक कार्यकर्ता विजय जायसवाल पर भी हमला किया गया। छात्र ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर इसकी जानकारी दी। वीडियो में विजय ने दिखाया कि वामपंथी गुट किस तरह मार्च को छोड़ कर अचानक स्टूडेंट्स पर हमला करना शुरू कर दिया और जानबूझकर कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने लगे।
ABVP ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर लिखा, “वीडियो में देखिए किस प्रकार वामपंथी संगठन के लोग हाथ में पत्थर लाठी ले कर घूम रहे है और जब हम वीडियो रिकॉर्ड करने लगे तो वहाँ से भागना शुरू कर दिए। वामपंथियों का हमेशा से यही फसाना है, जब खुद से क्रांति नहीं होती है तो जबरदस्ती अपनी क्रांति छात्रों पर लादना शुरू कर देते है।”
पोस्ट में आगे लिखा, “आज जब वामपंथी संगठन के स्कूल में ताला बंद करने लगे तो वहाँ रीडिंग रूम्स में पढ़ने वाले छात्रों ने उसका विरोध किया और उन्हें मारना शुरू कर दिया जिसको लेकर हम बात करने गए तो हमारे ऊपर भी पत्थरबाजी शुरू कर दी।”
रातभर आतंक का माहौल, सैकड़ों नकाबपोशों ने फैलाई हिंसा
JNU छात्र संघ के संयुक्त सचिव और ABVP नेता वैभव मीणा ने इस पूरी घटना को ‘आतंक की रात’ करार दिया। उन्होंने कहा कि पिछले 7-8 दिनों से वामपंथी संगठनों की हड़ताल चल रही थी और इसी की आड़ में सैकड़ों नकाबपोश हमलावरों ने कैंपस में बवाल मचाया।
CORRECTION | JNUSU Joint Secretary, ABVP, Vaibhav Meena says, "The left wing's strike has been going on here for the last 7-8 days… The kind of terror they have spread throughout the night, they went to the schools and chased away the students from the study rooms by a mob of…
— ANI (@ANI) February 23, 2026
मीणा के अनुसार, “300 से 400 नकाबपोश लोगों की भीड़ ने लाइब्रेरी और रीडिंग रूम में पढ़ रहे छात्रों को खदेड़ दिया और उनके साथ मारपीट की।” उन्होंने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि विजय नाम के एक छात्र को 100 से 150 लोगों की भीड़ ने बेरहमी से पीटा। उन्होंने इस घटना को ‘मॉब लिंचिंग’ बताया।
मीणा ने दिल्ली पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि पूरी रात हिंसा होती रही, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
#LeftAttacksJNUAgain अभियान, सख्त कार्रवाई की माँग
ABVP ने इस घटना के विरोध में सोशल मीडिया पर #LeftAttacksJNUAgain अभियान शुरू किया और दिल्ली पुलिस से तत्काल कार्रवाई की माँग की। संगठन ने कहा कि यह छात्र राजनीति नहीं, बल्कि सुनियोजित और ठंडे दिमाग से की गई हिंसा है, जिसमें सिर्फ पढ़ाई कर रहे छात्रों को निशाना बनाया गया।
ABVP ने आरोप लगाया कि केंद्रीय विश्वविद्यालय के परिसर को युद्धक्षेत्र में बदल दिया गया है और छात्रों की जान खतरे में डाल दी गई है। संगठन ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की माँग करते हुए कहा कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और भयावह हो सकती है।
फिलहाल वामपंथी संगठनों की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं पूरे घटनाक्रम के बाद JNU परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है और छात्र सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
क्या पहले से हो रही थी तैयारी?
बता दें कि 22 फरवरी की रात जेएनयू में जो हमला हुआ है वो कोई अचानक घटी घटना नहीं है। पिछले कुछ दिनों से JNU में लगातार ऐसा माहौल बनाया जा रहा था जिससे ये साफ था कि ऐसी कोई घटना कभी भी हो सकती है। इसी हफ्ते चेतावनी रैली में ब्राह्मणविरोधी नारेबाजी सुनी गई थी। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री के खिलाफ अभद्र नारे लगाए गए थे।


