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इस्लामी कट्टरपंथियों के लिए हिंदू महिलाओं से रेप करना ‘जन्नत’ का रास्ता, दीन के नाम पर घटिया से घटिया अपराध करने को तैयार: MP के इस मामले से समझिए इनकी मानसिकता

हिंदू लड़कियों से रेप करने वाले अधिकतर मुस्लिम अपराधी 'जन्नत' नसीब होने के लिए ऐसा करते हैं। 'जन्नत' के लिए घटिया से घटिया अपराध करने को तैयार हैं। इस्लामी दीन का हवाला देकर हिंदुओं को 'काफिर' बता हिंसा में शामिल होते हैं। मध्य प्रदेश के गुना से सामने आए यास्मीन खान और शरीफ खान के मामले से इनकी मानसिकता समझिए।

हम को मालूम है जन्नत की हकीकत लेकिन
दिल के खुश रखने को ‘गालिब’ ये खयाल अच्छा है

याने भले ही जन्नत की सच्चाई कुछ भी हो, लेकिन इंसान को खुश रहने के लिए किसी न किसी उम्मीद की जरूरत होती है। मिर्जा गालिब का ये शेर ‘जन्नत’ के अस्तित्व का सच जाहिर कर रहा है। वह कहते हैं कि जन्नत का यह ‘खयाल’ एक सुंदर भ्रम है जो दिल को तसल्ली देता है।

लेकिन इस्लामी कट्टरपंथी ‘जन्नत’ शब्द को इस्लाम की दीन मानते हैं, जहाँ हर उस ‘अपराध’ को जगह मिली है जिससे जन्नत नसीब हो। इसी चाहत में इस्लामी कट्टरपंथी अलग-अलग ‘अपराधों’ में शामिल होने से नहीं कतराते। इसमें सबसे पहले हिंदू लड़कियों से रेप को सबाब माना गया, पकड़े गए मुस्लिम अपराधियों का कहना था कि ‘अगर हम हिंदू लड़कियों का बलात्कार करेंगे, तो अल्लाह हमें जन्नत देगा।’

तो इसी ‘जन्नत’ को नसीब करने के चक्कर में कोई अल्लाह के नाम पर, तो कोई कुरान के नाम पर, जिसमें हिंदुओं को ‘काफिर’ कहा गया है, लग जाता है ‘अपराध’ करने। अगर हिंदू लड़की से रेप करने वाले को जन्नत नसीब होगी, तो उसकी बहन और सहेली या फिर उसके अम्मी-अब्बू भी अपनी जन्नत के टिकट मिलने से पीछे नहीं हटेंगे, वो भी लग जाएँगे किसी न किसी तरीके से उसकी मदद करने में।

ताजे मामले में मध्य प्रदेश के गुना में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली यास्मीन खान अपने शौहर शरीफ खान के लिए हिंदू लड़कियों का बंदोबस्त करती थी। कोर्स सिखाने के बहाने घर बुलाती थी, कोल्ड ड्रिंक में नशीली दवा मिलाकर खिलाती और सौंप देती अपने शौहर को, जो उनके साथ घंटों-घंटों तक बलात्कार करता।

जब शरीफ खान बलात्कार करता था, तो बीवी यास्मीन खान गेट पर पहरा देती थी, लड़कियों का इंतजाम भी वही करवाती थी। यहाँ तक कि शरीफ खान का भाई मुवीन खान भी इसमें शामिल था। सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि यास्मीन खान और उसके शौहर ने ‘जन्नत’ नसीब करने के लिए हिंदू लड़कियों का बलात्कार किया।

‘जन्नत’ के लिए हिंदू लड़किया रेप करने वाले मुस्लिम

ऐसा कहने के पीछे वजह भी है। क्योंकि इससे पहले भी ऐसे ही मामलों में कई अपराधी कबूल चुके हैं कि उनकी इस्लामी दीन के मुताबिक, यह गलत नहीं है और ऐसा करने से उन्हें जन्नत नसीब होगी।

बैंगलोर में ताहा राजी ने हिंदू बनकर हिंदू युवती को फँसाया और उसका रेप किया। और इस अपराध को कुरान की कई आयतों का हवाला देकर सही ठहराया, जिसमें लिखा है, “अगर किसी मुस्लिम को किसी काफिर और मू्र्तिपूजक को सही रास्ते पर लाने और उसका धर्म परिवर्तन कराने के लिए उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी पड़े, तो इस तरह का दुर्व्यवहार या प्रताड़ना गलत नहीं माना जाएगा।”

साल 2022 में मध्य प्रदेश की एक हिंदू युवती का अफजल और उसके दोस्त प्रिंस रेप किया। जब युवती ने बताया कि वह 6 महीने की प्रेग्नेंट है, तब अफजल ने कहा कि उनके मजहब में चलता है और कहा कि ‘हिंदू महिलाओं संग यौन संबंध बनाने से उन्हें जन्नत नसीब’ होगी।

साल 2023 में इंदौर में तीन मुस्लिम युवकों ने 13 साल की नाबालिग लड़की का गैंगरेप किया। और जब पुलिस ने इसकी वजह पूछी तो, उनमें से एक आरोपित शेरूखान ने कहा, “अगर वह हिंदू लड़की के साथ संबंध बनाएगा तो उसे जन्नत नसीब होगी।”

पिछले साल 2025 में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया। जहाँ मुरादाबाद में 14 साल की दलित बच्ची का अपहरण कर 2 महीने तक करने वाले मुस्लिमों ने कबूल किया कि उन्हें इस इस्लामी जिहाद के लिए पैसा मिलता था और इससे जन्नत मिलेगी।

अपराधियों को परिवार का संरक्षण, भाई-बहन-दोस्तों का साथ

इन अपराधियों को परिवार का भी पूरा संरक्षण मिलता है। कई मामले सामने आते हैं, जिसमें मुस्लिम युवक हिंदू लड़कियों को लव जिहाद में फँसाकर घर ले आता है और घर में उसके अम्मी-अब्बू और भाई-बहन उस हिंदू लड़की को जबरन गोमांस खिलाते हैं, उसके साथ मारपीट करते हैं और यहाँ तक कि रेप भी करते हैं। ऐसे कई मामलों में पीड़िता की कोई सहेली या परिचित भी अपराधियों से मिले होते हैं।

साल 2021 में सामने आए लव जिहाद और धर्मांतरण के मामले में आरोपित मोनिश कुरैशी ने एमए की छात्रा को अपने झाँसे में लेकर उसे किसी रिश्तेदार के घर ले गया। यहाँ मोनिश की तीन बहनों और बहनोई ने मिलकर हिंदू छात्रा का उत्पीड़न किया।

लखनऊ से सामने आए मामले में हिंदू पीड़िता की दोस्त शाकिबा ने उसका रेप करवाया। शाकिबा ने पीड़िता को किसी बहाने से अपने फ्लैट बुलाया और अपने लिव इन पार्टनर अली से रेप करवाया। इस दौरान दोस्त शाकिबा ने उसका वीडियो बनाया।

वहीं साल 2025 में लखनऊ में भी यही बात सामने आई। जहाँ हिंदू लड़की को उसकी मुस्लिम सहेली रीना बानो ने अपने जाल में फँसाया। दोस्ती गहरी करने के बाद रीना ने हिंदू लड़की को अपने घर बुलाया और ससुराल के रिश्तेदार हैदर नाम के आदमी को सौंप दिया। हैदर ने तमंचे की नोक पर हिंदू लड़की से रेप किया। फिर रीना बानो और हैदर ने पीड़ितो को जाने से मारने की धमकी दी।

ये कुछ गिने-चुने मामले हैं। जहाँ इस्लामी कट्टरपंथी ‘जन्नत’ की चाहत और कुरान का हवाला देकर हिंदू लड़कियों का रेप करते हैं और इस अपराध में उनके घरवाले और दोस्त उनका साथ देकर इसे सबाब का काम मानते हैं।

इस्लामी कट्टरपंथियों के लिए ‘जन्नत’ मिलने के मायने

इस्लामी कट्टरपंथियों के लिए ‘जन्नत’ का खयाल लाहिजा एक भ्रम जैसा ही है। उनका मानना है कि जन्नत सबसे अच्छी जगह है, जहाँ 72 हूरें मिलेंगी। मौलवी भी यही बताते हैं कि हूरें इतनी खूबसूरत होती हैं कि चमक के आगे सूरज भी फेल होता है। यह भी दावा किया जाता है कि हूर को शौच-पेशाब तक नहीं लगता। वे जन्नत पाने वालों के साथ हमबिस्तरी करती हैं।

जन्नत मिलने के इसी जुनून में वे सारे काम करने को तैयार होते हैं, जो उन्हें इन 72 हूरों से मिलवा सकता है। यानी लक्ष्य एक यही है- महिलाओं के साथ यौन संबंध बनाना। यहाँ जन्नत के ख्वाब देखते हुए भी वे हिंदू लड़कियों से रेप करते हैं और ख्वाब भी सिर्फ हूरों के साथ हमबिस्तर होने के देखते हैं।

‘जन्नत’ की हकीकत सामने रख दो, तो भी नहीं मानेंगे

दरअसल, इस्लाम की दीन में ही ‘जन्नत’ और ’72 हूरों’ का जिक्र होने का दावा किया जाता है। और यही दीन लेकर मुस्लिम जन्नत जाने का जुनून सवार कर लेते हैं। हिंदुओं को काफिर मानने लगते हैं और जन्नत जाने के लिए ये लोग घटिया से घटिया काम करने के लिए भी तैयार रहते हैं।

इन्हें नहीं परवाह क्राइम रेट की, न इन्हें परवाह इंसानियत की, इनके लिए मजहब से ऊपर कुछ नहीं है। जन्नत मिलेगी कहकर काफिरों के खिलाफ कुछ भी करो। हिंदुओं के खिलाफ बद से बदतर हिंसा भी इन्हें अपराध नहीं लगता है, उल्टा पकड़ने पर मजहब का हवाला देते हैं। फिर भी कुछ सेकुलर लोग मानने को तैयार नहीं कि दोष मजहब में है।

मिर्जा गालिब बहुत पहले ही समझ चुके हैं कि ये इस्लामी कट्टरपंथ भ्रम में जीते हैं। इनके लिए जन्नत की हकीकत सामने लाकर रख दो, तो भी ये नहीं मानेंगे। क्योंकि इनके लिए गैर मजहबी महिलाओं के खिलाफ हिंसा और हमबिस्तर होना जन्नत का रास्ता है।

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