Homeविचारराजनैतिक मुद्देकॉकरोचों के प्रदर्शन में घुसी नेहा बोरा कौन है? जानिए AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष...

कॉकरोचों के प्रदर्शन में घुसी नेहा बोरा कौन है? जानिए AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष का चिट्ठा- उमर खालिद को बताती है बेचारा, ब्राह्मणों से करती है नफरत

नेहा बोरा की छात्र अधिकारों के नाम पर दिखाई जाने वाली सक्रियता केवल दंगे भड़काने या सांप्रदायिक तनाव जैसे गंभीर अपराधों को छिपाने तक ही सीमित नहीं है; वह जातिगत असमानता का मुकाबला करने की आड़ में ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने का काम भी करती है।

वामपंथी छात्र संगठन ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA)’ ने हाल ही में ‘कॉकरोचेस ऑन द स्ट्रीट्स’ नाम से एक सप्ताह भर लंबा देशव्यापी अभियान शुरू करने की घोषणा की। यह अभियान दिल्ली में शुरू हुआ और इसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग की गई। यह अभियान 11 जून से शुरू होकर 18 जून तक चलेगा।

पहले दिन यानी 11 जून को AISA के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस, कमला नगर, पटेल चेस्ट, गुर्मंडी और विजय नगर जैसे इलाकों में प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कॉकरोच के मुखौटे पहनकर विरोध जताया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

इस प्रदर्शन की घोषणा 6 जून को कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा जंतर-मंतर पर किए गए प्रोटेस्ट के बाद की गई। उस प्रदर्शन में भी नीट एग्जाम पेपर लीक जैसे मुद्दों को आधार बनाकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग करने की बातें कही गई थी। हालाँकि बाद में प्रोटेस्ट की जमीनी हकीकत ये पता चली कि वहाँ भी वामपंथी ही घुसे थे, जिन्होंने मौका देखकर आजादी-आजादी और ‘जय भीम’ जैसे नारेबाजी की।

AISA ने भले ही आधिकारिक रूप से CJP को अपना समर्थन न दिया हो, लेकिन CJP के प्रदर्शन में AISA की नेहा बोरा सबसे आगे खड़ी दिखीं। अब यहाँ ये बात तो किसी से छिपी नहीं है कि आखिर AISA अपनी विचारधारा और राजनैतिक एजेंडे को धकेलने के लिए क्या-क्या करता है। बस वही काम बोरा भी यहाँ ‘शिक्षा व्यवस्था में सुधार’ के नाम पर करती हुई मिलीं।

बोरा ने मीडिया से बात करते हुए शिक्षा व्यवस्था के पूरे मुद्दे को UAPA केस में आरोपित उमर खालिद और शरजील इमाम से जोड़ दिया। बेशर्मी से नेहा ने खालिद और इमाम पर लगे गंभीर आरोपों को धो-पोंछने काम किया। साथ ही उनकी करतूतों पर रिपोर्ट करने वाली मीडिया को ‘गोदी मीडिया’ और बीजेपी आईटी सेल वाले करार दिया। उसने कहा कि उमर खालिद और शरजील इमाम को गोदी मीडिया ने देशद्रोही दिखाया है।

उसने दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों की साजिश रचने वालों को ‘आम छात्र’ बताया और कहा कि उनका राजनीतिक उत्पीड़न हो रहा है। बोरा ने न्यायपालिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि उमर खालिद और शरजील इमाम सालों से जेल में बंद हैं क्योंकि उन्हें जमानत नहीं मिल रही है। हालाँकि ये कहते हुए वह चालाकी से इस सच को छुपा ले गईं कि खुद सुप्रीम कोर्ट ने इन दोनों की जमानत याचिका यह कहते हुए खारिज कर की थी कि शुरुआती जाँच में 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश में उनकी भूमिका के साफ सबूत मिलते हैं।

नेहा बोरा की ब्राह्मणों के खिलाफ घृणा और उसकी सफाई

अपने आपको छात्रों के अधिकार के लिए लड़ने वाली कार्यकर्ता बताने वाली नेहा बोरा दंगे भड़काने और सांप्रदायिक तनाव पैदा करने जैसे गंभीर अपराधों को ही धो-पोंछने का काम नहीं करतीं, बल्कि वो खुलेआम ब्राह्मण समुदाय के लोगों के खिलाफ जहर उगलने का, नफरत फैलाने का काम करती हैं।

अपनी एक वीडियो में नेहा बोरा समझाती हैं कि ब्राह्मणवाद क्या है। उनके अनुसार- सोसायटी में अगर एक समाज दूसरे वर्ग पर अत्याचार करता है तो वो भी ब्राह्मणवाद है और अगर एक समाज दूसरे समाज को दबाता है तो वो भी ब्राह्मणवाद है। कुल मिलाकर नेहा बोरा के अनुसार भारतीय समाज में किसी भी तरह का भेदभाव, भले ही उसका जाति से कोई लेना-देना न हो, लेकिन उसे ‘ब्राह्मणवाद’ के सिर मढ़ा जा सकता है।

‘डरा हुआ मुसलमान’ नैरेटिव

इसी तरह बोरा के एक पॉडकास्ट इंटरव्यू को देख पता चलता है कि कैसे उन्हें हिंदुओं की एकता देख चुभन होती है और वो मानती हैं कि अगर जाति भुलाकर देश के हिंदू एकजुट होंगे तो देश का मुस्लिम असुरक्षित महसूस करेगा ही।

नेहा बोरा को चाहिए फिलीस्तीन के लिए आजादी

इसमें कोई हैरानी की बात हीं है कि नेहा बोरा भारत में रहते हुए फिलीस्तीन के लिए आए दिन रोना रोती हैं। उसके एक्स हैंडल पर इजरायल की निंदा करने वाले तमाम पोस्ट हैं। इसके अलावा बोरा का कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़कर अपना वैचारिक और राजनैतिक एजेंडा फैलान भी हैरान करने वाला नहीं हैं।

अपने आपको छात्रों का संगठन कहने वाले AISA ने हमेशा से यही किया है कि पहले छात्र अधिकार के नाम पर वो बच्चों से जुड़ते हैं और बाद में उनके दिमाग में वामपंथ वाला जहर घोलना शुरू करते हैं। इस बार भी वह यही कर रहे हैं। उन्हें कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में एक अवसर दिख रहा है, जिसके जरिए वो अपने एजेंडे को हवा दे सकते हैं।

नोट: यह रिपोर्ट मूल रूप से अंग्रेजी में लिखे गए आर्टिकल के आधार पर बनाई गई है, जिसे आप इस लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

गाजियाबाद के सीवर प्लांट में पोलियो वायरस मिलने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, किसी बच्चे में संक्रमण नहीं: जानिए पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने कैसे बढ़ाई...

गाजियाबाद के सीवर में पोलियो वायरस मिला। यह वायरस पोलियो वैक्सीन के कमजोर अंश से विकसित होता है जो कमजोर टीकाकरण वाले इलाकों में फैलता है।

रोजगार, रिकॉर्ड टूरिज्म और खुशहाल कश्मीर Vs अँधेरे में डूबा PoK: पढ़ें- 79 साल में LoC के पार कैसे ‘जहन्नुम’ बनी ‘जन्नत’, जहाँ आटे-दाल...

भारत के कश्मीर में विकास-रोजगार, शिक्षा-सुरक्षा की नदियाँ बह रही। पाकिस्तान के कब्जे वाले Pok में महँगाई-अत्याचार, हिंसा-मौत, आतंक का साया।
- विज्ञापन -