मुंबई पुलिस ने मुहर्रम जुलूस के दौरान जहरीले कैप्सूल बांटने वाले फय्याज प्रेमजी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है और पुलिसिया पूछताछ में बड़े खुलासे किए हैं। न्यूज 18 ने पुलिसिया सूत्रों के हवाले से बताया है कि उसका टारगेट जुलूस में शामिल कम से कम 15 हजार लोगों को मारना था। शुक्रवार को मुहर्रम के आशुरा जुलूस के दौरान उसने पेन किलर और इम्यूनिटी बढ़ाने के नाम पर कैप्सूल्स बांटे थे।
दरअसल यह जहरीला जिंक फॉस्फाइड था, जिसे खाने के बाद करीब 11 लोगों की तबियत बिगड़ गई। पुलिस को जानकारी मिलते ही आरोपित फय्याज प्रेमजी को गिरफ्तार किया गया। शनिवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया और फिलहाल वह पुलिस की दो दिन की रिमांड में है।
जुलूस में शामिल 15 हजार लोगों को मारने का टारगेट
जानकारी के मुताबिक, फय्याज प्रेमजी मुहर्रम के जुलूस में शामिल लोगों को जिंक फॉस्फाइड खिलाकर मारना चाहता था। इस कैप्सूल्स को उसने ‘दर्द की दवा’ और ‘इम्यूनिटी बूस्टर डोज’ बताया और महिलाओं को देने लगा। ये कैप्सूल्स अधिक से अधिक हाथों में पहुँच पाए, इसके लिए उसने कैप्सूल्स को ऊपर उछाला। उसके पास से 14900 कैप्सूल्स बरामद किए गए हैं।
इस दौरान एक व्यक्ति ने उसे खाया और उसकी तबियत बिगड़ने लगी। उसे लगातार उल्टियाँ हो रही थी और पेट में ऐठन के साथ तेज दर्द था। डीसीपी जयंत मीणा के मुताबिक, नजदीक के अस्पताल में उसे भर्ती कराया गया तो डॉक्टर को मामला संदिग्ध लगा। उसने मरीज से पूछा तो उसने कैप्सूल खाने की बात बताई। डॉक्टर ने पुलिस को जानकारी दी और अलर्ट किया और पुलिस ने घेराबंदी कर फैय्याज प्रेमजी को पकड़ा।
फय्याज शिया समुदाय का बताया जा रहा है, लेकिन वह शियाओं के इस विशाल जुलूस को क्यों टारगेट कर रहा था, इसको लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। मुंबई में मुहर्रम के मौके पर जेजे फ्लाईओवर जंक्शन से शुरू हो कर आरामबाग कब्रिस्ताशियाओं का जुलूस निकलता है, जिसमें देश विदेश के लोग शामिल होते हैं। लेकिन फैय्याज मातम में शामिल लोगों को टारगेट कर रहा था और शारीरिक दर्द से परेशान लोगों को दर्द से राहत के नाम पर ये जहरीला कैप्सूल मुफ्त दे रहा था।
इस दौरान बताया जा रहा है कि 11 लोगों ने ये कैप्सूल खाई थी। इसके बाद इनकी तबियत तेजी से खराब होने लगी और जुलूस से ही इन्हें अस्पताल ले जाया गया। इनमें तुरंत इलाज मिल गया और इनकी जान बच गई।
जानकारों के मुताबिक, लोगों की तबियत खराब होता देख एक महिला को फय्याज पर शक हुआ। उसने इस कैप्सूल को खोला और उसे अजीब सा पाउडर मिला, तब उसने पुलिस को इसकी जानकारी दी।
कहाँ से खरीदा 50 किलो जहरीला जिंक फॉस्फाइड
पुलिस के मुताबिक, उसने पूछताछ में माना है कि वह जूलूस में शामिल लोगों को मारना चाहता था। उसने ऑनलाइन 40000 खाली कैप्सूल्स और 50 किलो जिंक फॉस्फाइड ऑर्डर किया था। जिंक फॉस्फाइड चूहों को मारने की दवा के तौर पर घरों में भी इस्तेमाल की जाती है। इसके अलावा ये खतरनाक कीटनाशक है। इसे खेतों में भी इस्तेमाल किया जाता है।
आरोपित फय्याज प्रेमजी पुणे से कुछ दिनों पहले मुंबई आया था। पहले वह इधर उधर घूमा और दक्षिण मुंबई के एक होटल में ठहरा यहीं से उसने कैप्सूल की डिलीवरी दी थी।
कौन है फैय्याज प्रेमजी
पुलिस की जाँच में पता चला है कि फैयाज प्रेमजी शिया मुस्लिम है। वह बीबीए कर चुका है। वह पुणे में अपने अब्बू का पेंट कंपनी संभालता है। उसका निकाह हो चुका है, लेकिन अपनी बीवी से अलग रहता है। उसकी अम्मी और बहन ईरान में रहते हैं। वह 2019 के बाद कई बार ईरान और इराक जा चुका है। पिछले साल भी वह दो बार ईरान गया था। DCP जयंत मीणा के अनुसार, उसने स्पष्ट रूप से जुलूस को टारगेट करने और लोगों को नुकसान पहुँचाने की बात कही।
जिंक फॉस्फाइड क्या होता है
जिंक फॉस्फाइड एक जहरीला रासायनिक पदार्थ है। इसका इस्तेमाल चूहों और कीड़े मकोड़ों को मारने के खेत-खलिहानों में किया जाता है। पेट में जाने के बाद यह ‘फॉस्फीन गैस’ बनाता है, जिससे शरीर के अँग काम करना बंद करने लगते हैं। यह गैस हृदय, फेफड़े, लीवर, किडनी और दिमाग को निस्क्रिय करने लगता है। इसका कोई एंटीडोट मौजूद नहीं है। लेकिन तुरंत अस्पताल में ले जाने पर मरीज को उसके असर ने निजात दिलाई जा सकती है। देर होने पर ये पूरे शरीर में फैल जाता है, फिर मरीज को बचाना काफी मुश्किल हो जाता है।


