सावन के महीने में वामपंथियों की आँखों में काँवड़िए सबसे ज़्यादा खटकते हैं, इसलिए इस दौरान वे हर संभव तरीके से काँवड़ियों की छवि धूमिल करने का प्रयास करते हैं। हाल ही में ऐसी ही एक कोशिश मेरठ की एक घटना को लेकर की गई, जहाँ सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल करके यह अफवाह फैलाई गई कि काँवड़ियों ने पुलिस के साथ मारपीट की है। हालाँकि, जब इस मामले पर पुलिस का आधिकारिक बयान आया, तो सच्चाई कुछ और ही निकली।
वीडियो में था क्या?
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक जीप के बाहर कुछ काँवड़िए खड़े दिखते हैं और वह जीप में बैठे लोगों को- इसे बाहर निकालो, बाहर निकल जैसी बातें कह रहे हैं। उन्होंने पुलिस जीप को घेरा हुआ है और लगातार किसी को बाहर निकालने की कोशिश हो रही है। अब इसी वीडियो को कई वामपंथी और कट्टरपंथियो ने अपने हैंडल पर साझा किया है।
काँवड़ियों पर लगाया गया पुलिस को पीटने का इल्जाम
मुस्लिम वॉयस सेल का ट्वीट देखिए। इस ट्वीट में उन्होंने काँवड़ियों को निशाना बनाते हुए कहा यूपी में कानून व्यवस्था का हाल देखिए। मेरठ के दौराना में बाइक सवार की टक्कर के बाद पहुँचे सादा कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मियों को काँवड़ियों ने जीप से बाहर निकालकर पीटा।

पीयूष राय ने भी इस वीडियो को साझा करते हुए ऐसा ही दावा किया, जिसे बकायदा फैक्टचेकर मोहम्मद जुबैर ने तक ने रिपोस्ट किया।

सचिन गुप्ता ने भी अपने ट्वीट में कहा चूँकि एक बाइक सवर ने काँवड़ियों को टक्कर मार दी थी। जब पुलिस वहाँ पहुँची तो काँवड़िए पुलिस को ही पीटने लगे जबकि टक्कर मारने वाला भाग गया।

जाकिर त्यागी ने भी इस खबर को इसी प्रकार फैलाया जैसे काँवड़ियों ने पुलिस को इतनी बेरहमी से पीट दिया है कि उन्हें जान बचाकर भागना पड़ा।
पुलिस का बयान
अब मेरठ पुलिस का इस पर बयान आया है, जिनका कहना है कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो इस दावे के साथ वायरल हो रही है कि काँवड़ियों ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की है। उनकी वर्दी को फाड़ा है, वो एकदम गलत है।
पुलिस के अनुसार जाँच के बाद यह सामने आया है कि 3 अगस्त की रात जब दो काँवड़ियों का ग्रुप आमने सामने आए तो, गाड़ी में बैठे व्यक्ति जिनका नाम सोनू है। जब ये अपने साथी गुड्डू के साथ हरिद्वार जा रहे थे तभी दूसरी ओर से आने वाले अन्य काँवड़ियों के साथ इनका टकराव हुआ और मारपीट हुई।
कल रात्रि मोटरसाइकिल से हरिद्वार जल लेने जा रहे एक कांवड़िये की हरिद्वार से जल लेकर आ रहे एक कावड़िया की टक्कर हो गई थी इसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी एवं हाथापाई हुई थी, दौराला पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में किया तथा दोनों पक्षों को थाना लाकर…
— MEERUT POLICE (@meerutpolice) August 3, 2026
ऐसी स्थिति में थाना दौराला पुलिस ने मौके पर पहुँचकर सूझबूझ से दोनों पक्षों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान सोनू और गुड्डू को गाड़ी में बिठाया गया। तभी दूसरा पक्ष उग्र होकर इन्हीं दो लोगों को गाड़ी से निकालते हुए दिखाई दे रहा है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस घटना के बाद वो दोनों पक्षों को लेकर जाकर उनका मेडिकल करवाया था और अब आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बता दें कि केवल सोशल मीडिया पर ही नहीं मेनस्ट्रीम मीडिया में भी इस पूरी घटना को गलत तरीके से पेश करने का काम हुआ है। बिना पुलिस के पक्ष को जाने शुरू में यही फैलाया गया कि काँवड़ियों ने पुलिस को पीटा है। हालाँकि बाद में पुलिस के बयान के साथ खबरों को अपडेट किया गया। ऊपर टीवी9 भारतवर्ष पर चली खबर में देख सकते हैं- साफ-साफ ये लिखा गया कि ‘2 पुलिसकर्मियों की पिटाई की गई’ लाइन से पूरी खबर को दिखाया गया था।


