Homeराजनीतिसोनिया गाँधी को झटका, सिद्धारमैया ने सौंपा इस्तीफ़ा: कर्नाटक उप चुनाव में पार्टी की...

सोनिया गाँधी को झटका, सिद्धारमैया ने सौंपा इस्तीफ़ा: कर्नाटक उप चुनाव में पार्टी की हुई छीछालेदर

"विधायक दल के नेता के रूप में, मुझे लोकतंत्र का सम्मान करना चाहिए। मैंने कॉन्ग्रेस विधायक दल के नेता के रूप में इस्तीफ़ा दे दिया है। मैंने अपना इस्तीफ़ा सोनिया गाँधी जी को सौंप दिया है।"

कर्नाटक में 15 सीटों के लिए हुए उप चुनाव के लिए वोटों की गिनती अभी भी जारी है। अभी तक के आए रुझानों में जनादेश स्पष्ट तौर पर बीजेपी के समर्थन में नज़र आ रहा है। बीजेपी ने 10 सीटें जीत ली हैं और 2 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, क़ॉन्ग्रेस अभी तक केवल दो सीटों पर ही जीत हासिल कर पाई है।

निर्वाचन आयोग की वेबसाइट का स्क्रीनशॉट

कॉन्ग्रेस ने अपनी हार स्वीकारते हुए कहा कि 15 सीटों पर मतदाताओं के जनादेश से हमें सहमत होना पड़ेगा। इस बीच ख़बर आई है कि कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कॉन्ग्रेस के विधायक दल के नेता पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। उन्होंने कहा, “विधायक दल के नेता के रूप में, मुझे लोकतंत्र का सम्मान करना चाहिए। मैंने कॉन्ग्रेस विधायक दल के नेता के रूप में इस्तीफ़ा दे दिया है। मैंने अपना इस्तीफ़ा सोनिया गाँधी जी को सौंप दिया है।”

बता दें कि बीजेपी का इस चुनाव से वोट पर्सेंट बढ़ा है। चुनाव आयोग से प्राप्त आँकड़ों के अनुसार, बीजेपी पार्टी को 49.7% वोट हासिल हुए हैं, जबकि कॉन्ग्रेस को 31% वोट मिले। इसके अलावा, कुमारस्वामी की JD (S) को तगड़ा झटका लगा है। ऐसा इसलिए क्योंकि पार्टी अभी तक अपना खाता भी नहीं खोल पाई। आँकड़ों के अनुसार, JD (S) को सबसे कम यानी 13.3% ही वोट मिले हैं।

उधर, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा, “मैं लोगों के जनादेश से ख़ुश हूँ। अब बिना किसी समस्या के हम एक स्थायी सरकार बना सकते हैं।”

ये भी पढ़ें: कर्नाटक उपचुनाव पर कुमारस्वामी का बयान- हम दुःखी थे, लेकिन हमसे ज़्यादा दुःखी 3 और लोग थे

हम भी रेले गए थे, तुम भी रेले जाओगे: उद्धव ठाकरे को मिली कुमारस्वामी की चिट्ठी

पत्रकार नेतागिरी करे तो वो ‘धोबी का कुत्ता’ बन भी सकता है, बना भी सकता है: हिंदी में सत्य का सामना

लिबरलों को मिली ‘रूदन कक्ष’ हेतु 5 वर्गफीट जमीन, रवीश को पेपर रोल, राठी-कामरा के लिए ChiRAnDh योजना

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?

मुस्लिमों को रिझाने में 2017 में औंधे मुँह गिरे थे अखिलेश, आरक्षण का वादा किया लेकिन घोषणापत्र खाली रहा: 2027 के चुनावी रण में...

मुस्लिम आरक्षण पर अखिलेश बयानों से लेकर मुलायम सिंह यादव की मुस्लिम राजनीति अपने पुराने ढर्रे पर रही है। हालाँकि अब यूपी में वोटर्स अपनी प्रथमिकताएँ बदल रहे हैं।
- विज्ञापन -