Homeदेश-समाजबांग्लादेश से आए छात्रों ने कोरोना टेस्ट से किया इनकार, श्रीनगर हवाई अड्डे पर...

बांग्लादेश से आए छात्रों ने कोरोना टेस्ट से किया इनकार, श्रीनगर हवाई अड्डे पर की तोड़फोड़

गुरुवार देर रात को बांग्लादेश से श्रीनगर हवाईअड्डे पर 160 से अधिक छात्र पहुँचे। उन्होंने जॉंच से मना करते हुए रिसेप्शन में सामान बिखरते हुए वहाँ लगी काँच की खिड़कियों को तोड़ दिया। इसके बाद छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लेकर कोरोना जाँच के लिए नियत केन्द्रों में भेज दिया।

देश में कोरोना के बढ़ते प्रकोप की रोकथाम के लिए सरकार तमाम तरह की पाबंदियाँ लगा रही है। विदेशों से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर ही जाँच हो रही। लेकिन गुरुवार को बांग्लादेश से पहुँचे कुछ छात्रों ने श्रीनगर में कोरोना की जाँच कराने से इनकार कर दिया। छात्रों ने न सिर्फ विरोध किया बल्कि श्रीनगर एयरपोर्ट के रिसेप्शन में तोड़फोड़ भी की। इसके बाद छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लेकर कोरोना जाँच के लिए नियत केन्द्रों में भेज दिया।

दरअसल गुरुवार देर रात को बांग्लादेश से श्रीनगर हवाईअड्डे पर 160 से अधिक छात्र जैसे ही पहुँचे, वहाँ मौजूद अधिकारियों ने उनसे जाँच में सहयोग करने की अपील की। इस पर छात्रों ने अपनी जाँच कराने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद छात्र हवाई अड्डे पर हंगामा करने लगे। छात्रों ने रिसेप्शन में सामान को बिखरते हुए वहाँ लगी काँच की खिड़कियों को तोड़ दिया। छात्रों के साथ वहाँ मौजूद उनके अभिवावकों ने भी हंगामा करना शुरू कर दिया।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बांग्लादेश से कुछ छात्र श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पहुँचे थे। बडगाम जिला मजिस्ट्रेट के निर्देशानुसार कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर एहतियात के तौर पर इन छात्रों को पृथक रखा जाना था, जिसका छात्रों ने विरोध किया। हालाँकि बाद में सभी को पहले से नियत जाँच केन्द्र में भेज दिया गया। आपको बता दें कि बीते दिन ही पाकिस्तान में पढ़ाई करने के लिए गए 14 कश्मीरी छात्र भारत लौट आए। बाघा बॉर्डर से भारत आए सभी छात्रों को कोरोना जाँच के लिए सेंटर में भेज दिया गया। हालांकि ट्विटर पर लोगों ने कश्मीरी छात्रों के पाकिस्तान में पढ़ाई पर सवाल खड़ा करते हुए लिखा था कि पाकिस्तान में पढ़ाई के लिए कौन जाता है भाई? इतना ही नहीं दुबई से लौटे चार युवकों ने भी कोरोना की जाँच न कराने के लिए कर्नाटक में डॉक्टरों को धमकाया था। इनका कहना था कि इस्लाम मेडिकल टेस्ट की इजाजत नहीं देता। इस बीच केरल के क्वारेंटाइन से फरार हुआ व्यक्ति बोगाईगॉंव रेलवे स्टेशन पर पकड़ा गया। वह असम का रहने वाला है। पकड़े जाने के बाद उसे रेलवे हॉस्पिटल के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है।

गौरतलब है कि देश में कोरोना वायरस के चलते देश में गुरुवार को चौथी मौत हो गई थी। वहीं वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ कर 173 हो गई है। इसकी रोकथाम के लिए राज्य अपने-अपने स्तर पर भी पाबंदियाँ लगा रहे हैं। गुरुवार रात को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में 22 मार्च को जनता कर्फ्यू की अपील की थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -