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जानिए क्या है पतंजलि की दिव्य कोरोनिल टैबलेट जो कर रही है कोरोना खत्म करने का दावा

पतंजली कंपनी के अनुसार, कोरोना किट केवल ₹545 में उपलब्ध कराया जाएगा। इसे पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (निम्स) यूनिवर्सिटी, जयपुर ने मिलकर तैयार किया है। इस दवा ने 3-7 दिनों के भीतर '100 फीसदी रिकवरी रेट' दिखाया है।

पतंजलि आयुर्वेद ने मंगलवार (जून 23, 2020) को ‘कोरोनिल और श्वासारी’ (Coronil and Swasari) को लॉन्च किया, जिसके बारे में कंपनी का दावा है कि यह नोवेल कोरोना वायरस या SARS-CoV-2 वायरस के कारण होने वाली साँस की बीमारी यानी, COVID -19 के इलाज का पहला आयुर्वेदिक इलाज है।

पतंजलि योगपीठ बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कोरोना वायरस से जंग को ‘दिव्य कोरोनिल टैबलेट’ समेत तीन दवाइयाँ लॉन्च की हैं। इस ‘कोरोना किट’ में कोरोनिल के अलावा श्वासारी वटी और अणु तेल भी हैं। रामदेव का कहना है कि तीनों को साथ इस्तेमाल करने से कोरोना का संक्रमण खत्म हो सकता है और महामारी से बचाव भी संभव है।

पतंजली कंपनी के अनुसार, कोरोना किट, जो 30 दिनों के लिए है, केवल ₹545 में उपलब्ध कराया जाएगा। रामदेव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस दवा ने 3-7 दिनों के भीतर ‘100 फीसदी रिकवरी रेट’ दिखाया है।

बाबा रामदेव ने कहा कि पूरा देश और दुनिया जिस क्षण की प्रतीक्षा कर रहा था वह आज आ गया है, कोरोना की पहली आयुर्वेदिक दवा तैयार हो गई है। बाबा रामदेव ने कहा कि मेडिसिन के ट्रायल के दौरान तीन दिन के अंदर 69% संक्रमित इससे ठीक हो गए। इसके अलावा, मेडिसन के ट्रायल के दौरान सात दिन में 100% कोरोना मरीज नेगेटिव हो गए।

रामदेव ने प्रेस वार्ता में कहा कि पतंजलि द्वारा तैयार की गई ‘कोरोनिल’ में गिलोय, तुलसी और अश्वगंधा हैं जो कि शरीर की इम्युनिटी बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि यह कोरोना के साथ ही अन्य गंभीर बीमारियों से भी बचाव करती है।

इसे पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (निम्स) यूनिवर्सिटी, जयपुर ने मिलकर तैयार किया है। रामदेव ने निदेशक, राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान, NIMS विश्वविद्यालय, जयपुर, डॉ बलबीर सिंह तोमर और अन्य सभी डॉक्टरों और वैज्ञानिकों को दवा विकसित करने में मदद के लिए धन्यवाद दिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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