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सुल्तानपुर: मंदिर के परिसर में फंदे पर लटका मिला 22 वर्षीय साधु का शव, लोगों ने जताई हत्या की आशंका

आज सुबह छतौना बाजार स्थित वीर बाबा मंदिर के परिसर में संदिग्ध हालात में बालयोगी सत्येंद्र आनंद सरस्वती महाराज नागा बाबा (22) का शव पेड़ से लटका पाया गया। देखते ही देखते ये खबर जगह-जगह फैल गई और घटना स्थल पर काफी लोगों की भीड़ इकट्ठा होनी शुरू हो गई। लोगों ने प्रश्न उठाया कि ये आत्महत्या है या हत्या?

महाराष्ट्र के पालघर और यूपी के बुलंदशहर में साधुओं की हत्या के बाद अब मामला सुल्तानपुर से आया है। खबर ये है कि जिले के छतौना बाजार के पास वीर बाबा मंदिर परिसर में एक बालयोगी साधु की लाश गुरुवार (जुलाई 23, 2020) को पेड़ से लटकती हुई पाई गई जिसे देखते ही इलाके में हड़कंप मच गया।

उधर, पुलिस भी सूचना पाते ही मौके पर पहुँची। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। अब पुलिस ये पता लगा रही है कि ये आत्महत्या है या फिर किसी ने साधु को मारा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आज सुबह छतौना बाजार स्थित वीर बाबा मंदिर के परिसर में संदिग्ध हालात में बालयोगी सत्येंद्र आनंद सरस्वती महाराज नागा बाबा (22) का शव पेड़ से लटका पाया गया।

इसके बाद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते ये खबर जगह-जगह फैल गई और घटना स्थल पर काफी लोगों की भीड़ इकट्ठा होनी शुरू हो गई। लोगों ने प्रश्न उठाया कि ये आत्महत्या है या हत्या?

नवभारत टाइम्स के अनुसार, अब पुलिस भी बाल योगी आनन्द सरस्वती बाबा की लाश मिलने के बाद इसी बिंदु की जाँच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जाँच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही घटना का खुलासा हो पाएगा। यहाँ बता दें कि कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि आनन्द सरस्वती बाबा हिमाचल प्रदेश से आए हुए थे और करीब 3 सालों से चांदा थाना क्षेत्र के छतौना कला ग्राम के वीर बाबा मंदिर पर रहते थे।

सोशल मीडिया पर इस खबर को लेकर लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। महाराष्ट्र में साधुओं की लिंचिंग पर चुप्पी साधने वाली कॉन्ग्रेस ने भी मौका देख कर भाजपा पर निशाना साध दिया है।

यूपी कॉन्ग्रेस ने साधु की तस्वीर ट्विटर पर साझा करते हुए योगी राज को जंगल राज बताया है। उन्होंने लिखा, “सुल्तानपुर में एक पुजारी की लाश मंदिर परिसर में लटकती मिली। आस-पास के लोगों ने हत्या की आशंका जताई है।#जंगलराज।”

यहाँ बता दें कि अभी पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में दो साधुओं की धारदार हथियारों से काटकर हत्या कर दी गई थी। तब सीएम योगी ने खुद इस मामले पर संज्ञान लिया था। लेकिन कॉन्ग्रेस ने तब भी योगी सरकार पर हमला बोला था। साथ ही शिवसेना ने भी सवाल उठाए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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