Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाचीन ने अरुणाचल से लापता पाँच लोगों को भारतीय सेना को सौंपा, पहले भी...

चीन ने अरुणाचल से लापता पाँच लोगों को भारतीय सेना को सौंपा, पहले भी अनजाने में कई युवाओं ने पार किया है LAC

भारतीय सेना के बयान के अनुसार, सभी औपचारिकाताएँ पूरी करने के बाद सभी पाँचों लोगों को किबितू सीमा के पास वाचा में रिसीव किया गया है। वापस आए सभी लोगों को कोरोना वायरस प्रोटोकॉल के अनुसार 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन किया जाएगा और उसके बाद ही उनके परिवार को सौंपा जाएगा।

सीमा पर भारत और चीन के बढ़ते तनाव के बीच चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने अरुणाचल प्रदेश से लापता पाँच युवाओं को शनिवार को रिहा कर दिया है। भारतीय सेना ने एक प्रेस रिलीज जारी कर यह जानकारी दी है।

भारतीय सेना के बयान के अनुसार, सभी औपचारिकाताएँ पूरी करने के बाद सभी पाँचों लोगों को किबितू सीमा के पास वाचा में रिसीव किया गया है। वापस आए सभी लोगों को कोरोना वायरस प्रोटोकॉल के अनुसार 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन किया जाएगा और उसके बाद ही उनके परिवार को सौंपा जाएगा।

गौरतलब है शुरू में यह रिपोर्ट किया गया था कि चीनी सैनिकों ने भारतीय जवानों को पकड़ लिया है। वहीं इस अफवाह के बाद भारतीय सेना ने एक बयान जारी कर बताया था कि पकड़े गए लोग अरुणाचल प्रदेश के रहने वाले शिकारी थे। जो शिकार के दौरान अनजाने में एलएसी की दूसरी तरफ भटक गए थे।

बयान में आगे कहा गया कि, LAC को गलती से पार करने की ऐसी घटनाएँ अतीत में बहुत बार हुई हैं और भारतीय सेना लगातार खोए हुए स्थानीय लोगों का पता लगाने और उनको वापस घर लौटाने का काम किया है। इस तरह की लगभग तीन घटनाएँ इस साल हुई है। जिनमें ऊपरी सबनसिरी जिला और पश्चिम सियांग जिला शामिल है। सभी भटके हुए व्यक्तियों को भारतीय सेना द्वारा लगातार प्रयासों और समन्वय के माध्यम से घर वापस लाया गया।

सेना ने बताया, “हालिया ऊपरी सुबनसिरी जिले के पाँच व्यक्तियों ने भी अनजाने में हाल ही में एलएसी पार कर लिया था। भारतीय सेना ने उन्हें ट्रेस किया और वापस करने के लिए हॉटलाइन पर PLA से संपर्क किया। 8 सितंबर को, हॉटलाइन पर प्रतिक्रिया की पुष्टि हुई कि लापता व्यक्तियों का पता लगाया गया था।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हर कब्र-दरगाह वक्फ की प्रॉपर्टी नहीं: मद्रास हाई कोर्ट, कहा- सिर्फ इस्लाम से जुड़े होने के कारण बोर्ड नहीं कर सकता कब्जा; जानिए क्या...

मद्रास हाईकोर्ट ने तमिनलाडु वक्फ बोर्ड के 240 साल पुराने दरगाह को वक्फ संपत्ति बताने के दावे को खारिज कर दिया। कोर्ट ने दरगाह की भूमि पर पारिवारिक दावा माना।

INDI गठबंधन की बैठक में आई पार्टियाँ बजा रही थी अपनी ढपली अपना राग, उधर एक झटके में 21 सांसद हो गए कम: जानें...

एक तरफ दीदी दिल्ली में विपक्षी एकता की नई स्क्रिप्ट लिख रही थीं, तो दूसरी तरफ एक ही झटके में उनके 21 सांसद कम हो चुके थे।
- विज्ञापन -