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बुलंदशहर: पटाखा कारोबारी की बच्ची के पास देर रात मिठाई लेकर पहुँची पुलिस, CM योगी का निर्देश- संवेदनशीलता दिखाएँ

“मुख्यमंत्री योगी ने बुलंदशहर की घटना को बेहद संवेदनशीलता से लेते हुए ना सिर्फ पटाखा कारोबारी को तत्काल रिहा कराया, बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों के हाथों उनके व उनकी मासूम बेटी के लिए दीपावली के उपहार व मिठाइयाँ भी भिजवाईं।"

दिल्ली एनसीआर समेत कई राज्यों में सरकार ने बढ़ते प्रदूषण और कोरोना वायरस का बहाना देकर दीपावली के अवसर पर पटाखों की बिक्री बैन लगा दिया है। इस बीच उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आया है। पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्शन लेते हुए दोषी पुलिस वाले के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया है कि पुलिस हर किसी से संवेदनशीलता से पेश आए। 

पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, बुलंदशहर पुलिस ने बयान जारी किया और बताया कि उक्त पुलिसकर्मी को बच्चों के साथ दुर्व्यवहार करने के लिए पुलिस लाइन भेजा गया है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि बुलंदशहर में कुछ दुकानदार खुलेआम पटाखे बेच रहे थे, जिन पर खुर्जा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 6 दुकानदारों को हिरासत में लिया और पटाखे जब्त कर लिए। इस दौरान एक बच्ची पुलिस से अपने पिता को छोड़ने की गुहार लगाती रही। बच्ची ने रोते हुए कई बार पुलिस की गाड़ी पर सिर मारा और पिता को छोड़ने की जिद्द की, लेकिन पुलिस वालों ने किसी तरह बच्ची हटा दिया और दुकानदार को लेकर चले गए। पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद बुलंदशहर पुलिस ने ट्विटर पर बयान जारी किया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से पटाखे बेचने की सूचना मिलने के बाद पुलिस की एक टीम मौके पर गई, पटाखों को जब्त किया और विक्रेताओं को हिरासत में लिया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने यह कार्रवाई इसलिए की क्योंकि उस जिले में पटाखों की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध है।

एसपी संतोष कुमार सिंह ने कहा कि इस घटना के दौरान, पटाखा विक्रेताओं के छोटे बच्चों ने वाहन को घेर लिया और रोने लगे। उन्होंने कहा कि कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए, पुलिस को संवेदनशीलता और सहानुभूति के साथ मामले से निपटने के लिए निर्देशित किया गया है।

बाद में बुलंदशहर ने ट्वीट कर जानकारी दी कि हेड कॉन्स्टेबल बृजबीर को अनधिकृत पटाखा विक्रेताओं को गिरफ्तार करते हुए बच्चों के प्रति असंवेदनशील व्यवहार के लिए पुलिस लाइन भेजा गया है।

इसके साथ ही यूपी सीएम के मीडिया एडवाइजर शलभ मणि त्रिपाठी ने ट्वीट कर कहा, “मुख्यमंत्री योगी ने बुलंदशहर की घटना को बेहद संवेदनशीलता से लेते हुए ना सिर्फ पटाखा कारोबारी को तत्काल रिहा कराया, बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों के हाथों उनके व उनकी मासूम बेटी के लिए दीपावली के उपहार व मिठाइयाँ भी भिजवाईं। दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर दी गई है। मुख्यमंत्री जी का स्पष्ट निर्देश है कि पुलिस हर किसी से संवेदनशीलता से पेश आए।”

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में बच्ची के बयान का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि पुलिस हर किसी से संवेदनशीलता से पेश आए। मुख्यमंत्री ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को रात में ही पटाखा कारोबारी के परिवार के बीच जाने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री की पहल से इस परिवार की दीपावली खुशहाल और यादगार हो गई।” बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 प्रदूषण प्रभावित जिलों में पटाखों की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है और बुलंदशहर भी उनमें से एक है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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