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ममता सरकार के 2 अध्यादेश पर राज्यपाल ने नहीं किए हस्ताक्षर, TMC सांसद अब कर रहे जगदीप धनखड़ को पद से हटाने की माँग

टीएमसी सांसद शुखेंदु शेखर रे के अलावा सांसद सुदीप बंदोपाध्याय, सासंद डेरेक ओ ब्रेन, सांसद कल्याण बनर्जी और सांसद ककोली घोष दस्तीदार ने भी इस ज्ञापन पर अपने हस्ताक्षर किए हैं। इन सबने बंगाल राज्यपाल को हटाने की माँग की है।

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कॉन्ग्रेस नेता शुखेंदु शेखर रे ने प्रदेश राज्यपाल को तत्काल पद से हटाने के लिए राष्ट्रपति कोविंद को ज्ञापन भेजा है। इनका आरोप है कि राज्यपाल प्रदेश में संविधान की रक्षा और उसे बचाने में असफल रहे।

समाचार एजेंसी एएनआई ने शुखेंदु शेखर के हवाले से बताया, “हम ये कहते हैं कि राज्यपाल संविधान के संरक्षण, सुरक्षा और बचाव में विफल रहे हैं, और बार-बार सुप्रीम कोर्ट द्वारा घोषित कानून का उल्लंघन किया है।”

टीएमसी सांसद शुखेंदु शेखर रे के अलावा सांसद सुदीप बंदोपाध्याय, सासंद डेरेक ओ ब्रेन, सांसद कल्याण बनर्जी और सांसद ककोली घोष दस्तीदार ने भी इस ज्ञापन पर अपने हस्ताक्षर किए हैं। इन सबने बंगाल राज्यपाल को हटाने की माँग की है।

गौरतलब है कि हाल में जगदीप धनखड़ ने जनसत्ता से बात करते हुए बताया था कि राज्य की ममता सरकार विधानसभा सत्र के चालू रहते अध्यादेश के जरिए अपने फैसले लागू करवाना चाहती हैं। उन्होंने 27 दिसंबर को दिए अपने साक्षात्कार में कहा कि कुछ दिन पहले राज्य सरकार की ओर से उनके पास दो अध्यादेश दस्तख्त के लिए भेजे गए। लेकिन उन्होंने फाइलें लौटा दीं और पूछा कि क्या विधानसभा सत्र की समाप्ति हो चुकी है?

उन्होंने इस इंटरव्यू में यह भी बताया था कि वह राज्य सरकार को चेता रहे हैं और स्थिति ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं। जिसमें सफलता भी मिल रही है। लेकिन कुछ अधिकारी अभी भी दबाव में ही काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनकी कोई भी गतिविधि संविधान के दायरे से बाहर जा रही हो तो उन्हें इस संबंध में बताया जाए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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