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फिरदौस ने आदिवासी युवती का 8 साल तक किया यौन शोषण, फिल्मों में काम का झाँसा दे ले गया पोर्न इंडस्ट्री: भाई है गाँव का मुखिया

जेएसआई रामप्रसाद इंदवार, सहायक पुलिस प्रवेश यादव सहित अन्य पुलिसकर्मियों को मिला कर छापेमारी दल का गठन किया गया, जिसके बाद उसे पकड़ने में कामयाबी मिली। आरोपित फिरदौस आलम का भाई अब्दुल्लाह अंसारी मकरी पंचायत का मुखिया है। आरोप है कि अपने भाई की करतूतों में उसने भी पूरा साथ दिया।

झारखंड के गढ़वा जिले में स्थित भवनाथपुर के एक मामले में फिरदौस आलम को स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उसने शादी का झाँसा देकर एक आदिवासी युवती का 8 वर्षों तक यौन शोषण किया। मकरी गाँव निवासी फिरदौस के बारे में पुलिस को सूचना मिली थी कि वो जिला मुख्यालय के नवादा मोड़ पर छिपा हुआ है। गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने उसे धर दबोचा। उसके खिलाफ स्थानीय थाने में नामजद मामला दर्ज है।

झगराखाँड़ की एक आदिवासी युवती ने उसके खिलाफ केस दर्ज कराया था। उसके बाद से ही वो फरार चल रहा था। जेएसआई रामप्रसाद इंदवार, सहायक पुलिस प्रवेश यादव सहित अन्य पुलिसकर्मियों को मिला कर छापेमारी दल का गठन किया गया, जिसके बाद उसे पकड़ने में कामयाबी मिली। आरोपित फिरदौस आलम का भाई अब्दुल्लाह अंसारी मकरी पंचायत का मुखिया है। आरोप है कि अपने भाई की करतूतों में उसने भी पूरा साथ दिया।

आदिवासी युवती का कहना है कि फिरदौस के साथ उसका मेलजोल तभी से बढ़ने लगा था, जब वो 8वीं कक्षा की छात्रा थी। उसके बाद से 8 साल तक वो उसका यौन शोषण करता रहा। वो चाहता था कि पीड़िता पोर्न फिल्मों में काम करे। इसके लिए वह उसे लेकर दिल्ली तक भी गया था। लेकिन, युवती इससे लगातार इनकार करती रही। अगस्त 2020 में कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान ही उसने शादी भी कर डाली।

विरोध करने पर आरोपित और उसके मुखिया भाई ने अपने रसूख का इस्तेमाल करते हुए जान से मार डालने की धमकी दी। पीड़िता ने राज्य के बाल आयोग में भी शिकायत भेजी थी। वहाँ अध्यक्ष उपेन्द्रनाथ दूबे ने चाइल्ड लाइन के सदस्यों को इस मामले में जाँच करके रिपोर्ट सौंपने को कहा। आरोपित युवती को फिल्मों में काम कराने का झाँसा देता था। जब बातचीत शुरू हुई थी, तब उसकी उम्र मात्र 15 वर्ष ही थी।

पीड़िता जब रोने लगी और परिवार की तरफ से दबाव बनवाया, तब जाकर वो उसे दिल्ली से वापस लेकर आया। आरोपित उसे लेकर चोपन, टाउनशिप और भवनाथपुर में घूमता रहता था और जहाँ भी खुद रहता था, उसे साथ ही रखता था। इसके बाद उसने खरौंधी मोड़ पर प्रज्ञा केंद्र खोल लिया और युवती को भी वहीं रखने लगा। इस दौरान उसने कई बार शारीरिक सम्बन्ध बनाए। किसी और लड़की से शादी के बाद वो अपने भाई के साथ मिल कर पीड़िता को रास्ते से हटाने की कोशिश में लग गया।

झारखंड में पिछले कुछ दिनों में रेप की कई घटनाएँ सामने आई हैं। सितम्बर 2020 में ललमटिया के बसडीहा में एक आदिवासी नाबालिग लड़की के साथ 2 युवकों द्वारा रास्ते से किडनैप कर सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला सामने आया था। इस मामले में पुलिस ने छापेमारी कर मुख्य आरोपित नसीम साई को गिरफ्तार किया था। दूसरे आरोपित का नाम सद्दाम उर्फ़ सादाब था। एक अन्य मामले में खुद सीएम हेमंत सोरेन पर भाजपा नेताओं ने कई आरोप लगाए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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