Homeविविध विषयमनोरंजन'जिस देश में गंगा रहता है' फेम किशोर नांदलस्कर का कोरोना से निधन: 'सन्नाटा'...

‘जिस देश में गंगा रहता है’ फेम किशोर नांदलस्कर का कोरोना से निधन: ‘सन्नाटा’ को दर्शकों ने दिया था भरपूर प्यार

अनीष ने बताया कि उनके दादा को कोरोना पॉजिटिव आते ही ठाणे के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें कोविड सेंटर में भर्ती कराने से पहले साँस लेने में काफी दिक्कत हो रही थी। उनका ऑक्सीजन लेवल भी काफी गिर गया था। उन्होंने दोपहर 12:30 बजे आखिरी साँस ली थी।

बॉलीवुड अभिनेता किशोर नंदलास्कर का कोरोना से मुबंई में निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि कोरोनो संक्रमण के बाद उन्हें ठाणे के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ उन्होंने मंगलवार (20 अप्रैल, 2021) को दोपहर करीब 12.30 बजे अंतिम साँस ली।

एबीपी न्यूज के मुताबिक, किशोर नांदलस्कर के‌ पोते अनीष ने उनकी मौत की जानकारी दी है। अनीष ने बताया कि उनके दादा को कोरोना पॉजिटिव आते ही ठाणे के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें कोविड सेंटर में भर्ती कराने से पहले साँस लेने में काफी दिक्कत हो रही थी। उनका ऑक्सीजन लेवल भी काफी गिर गया था। उन्होंने दोपहर 12:30 बजे आखिरी साँस ली थी। 

मालूम हो कि किशोर नंदलास्कर ने बॉलीवुड में वास्तव, सिम्बा, जिस देस में गंगा रहता है, खाकी और सिंघम जैसी तमाम फिल्मों में काम किया है। इसके अलावा मराठी फिल्म इंडस्ट्री में भी वह काफी मशहूर कलाकार थे।

उन्होंने 1989 में मराठी फिल्म ‘इना मीना डीका’ से फिल्म जगत में डेब्यू किया था। उन्होंने मराठी फिल्मों मिस यू मिस, भविष्याची ऐशी तैशी, गाव थोर पुढारी चोर, जरा जपुन करा, हैलो गंधे सर, मध्यममार्ग -द मिडिल क्लास जैसी कई फिल्मों में काम किया था। उनके निधन की खबर से बॉलीवुड और मराठी फिल्म जगत में शोक की लहर छा गई है।

बता दें कि किशोर को सबसे ज्यादा फेम अभिनेता गोविंदा की फ‍िल्‍म ‘जिस देश में गंगा रहता है’ से मिला। इस फिल्म में उन्होंने सन्‍नाटा का किरदार निभाया था, जिसे दर्शकों को खूब पसंद किया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।

59 करोड़ अकाउंट्स, लाखों करोड़ की कैपिटल और आखिरी व्यक्ति तक पहुँचता बैंकिंग सिस्टम… फिर क्यों जनधन योजना से सुभाष गर्ग को लगी मिर्ची?

सुभाष गर्ग ने जनधन योजना के 59 करोड़ खातों पर सवाल उठाए, जानिए जीरो बैलेंस, इनएक्टिव अकाउंट्स और DBT से जुड़ी पूरी कहानी।
- विज्ञापन -